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Latest Whatsapp Status and Shayari For You

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दूध में दालचीनी मिलाकर पीने के बार

शायद ही आपने कभी दूध में दालचीनी मिलाकर पीने के बारे में सुना हो, लेकिन हम आपको बता रहे हैं इस तरह से दूध पीने के 5 अनमोल सेहत फायदे - 1 गैस की समस्या से तो आजादी मिलेगी ही, पाचन भी बेहतर हो जाएगा। पाचनतंत्र को सुधारकर आपकी पाचन संबंधी समस्याओं पर रोक लगाएगा दूध के साथ दालचीनी का प्रयोग। 2 नींद नहीं आने की समस्या है, तब भी यह फॉर्मूला आपके लिए फायदेमंद होगा। बस रात को सोने से पहले दालचीनी वाला गर्म दूध पिएं और बेफिक्र होकर चैन की नींद लीजिए। 3 ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने के लिए तो दालचीनी जानी ही जाती है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए दूध के साथ इसका सेवन फायदे का सौदा है। 4 तनाव कम करने के साथ ही गठिया एवं हड्डियों की अन्य समस्याएं भी दूर हो सकती हैं, अगर आप दूध के साथ दालचीनी का सेवन करेंगे। 5 और सबसे बढ़िया फायदा आपकी त्वचा पर दिखाई देगा, बेदाग, ग्लोइंग स्किन के रूप में। तो फिर इंतजार किस बात का? आज ही शुरु कीजिए दालचीनी वाले दूध का सेवन।
 

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प्यार में विश्वास ना हो तो सालों का

ये Heart Touching Kahani है अरविन्द और श्वेता की जो एक दूसरे से प्यार तो बहुत करते थे लेकिन सिर्फ एक ग़लतफहमी की वजह से सब बर्बाद हो गया. दोस्तों, ये हिंदी कहानी अंत तक ज़रूर पढ़े, हर बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड या पति पत्नी के लिए एक ज़रूरी सीख है. अरविन्द और श्वेता में बहुत गहरा प्यार है, दोनों की शादी को 5 साल हो चुके है लेकिन उनकी ज़िन्दगी अभी भी अधूरी सी है क्यूंकि इनके को बच्चा नहीं है. फिर भी, इन्हे विश्वास है कि इस साल इन्हे बच्चा हो जाएगा. दोनों के बीच इतना प्यार है कि ये एक दूसरे के बिना बिलकुल नहीं रह सकते. बच्चा ना होने की वजह से अरविन्द के माँ बाप श्वेता को कभी-कभी ताने मार देते है और श्वेता भी सुन लेती है क्यूंकि उसे यकीन है कि उसे बच्चा ज़रूर होगा. यूँ ही समय बीतता चला गया और एक दिन जब अरविन्द ऑफिस से घर आ रहा था तो उसने श्वेता को बाजार में किसी दूसरे मर्द के साथ देखा. श्वेता और वो व्यक्ति बहुत खुश लग रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वे दोनों एक दूसरे को काफी वक्त से जानते हो. अरविन्द घर आ गया और फिर थोड़ी देर बाद श्वेता भी आ गयी. श्वेता के आते ही अरविन्द ने उससे पुछा “श्वेता…कहा गयी थी?” श्वेता ने हँसते हुए कहा “मैं बाज़ार गयी थी, घर का कुछ सामान लाना था” ये सुन कर अरविन्द को थोड़ा गुस्सा आया लेकिन उसने श्वेता को कुछ नहीं कहा. उसके बाद अरविन्द ने श्वेता को कई बार वही आदमी के साथ अलग अलग जगहों पर देखा और एक दिन अरविन्द ने देखा कि वो आदमी श्वेता को घर तक छोड़ने आया था. श्वेता उसके साथ बहुत खुश लग रही थी, उस व्यक्ति ने को घर के बाहर छोड़ा और फिर चला गया. अरविन्द का दिल बहुत दुःख रहा था लेकिन श्वेता को खो देने के डर से उसने उसे कुछ नहीं बोला. एक दिन अरविन्द घर पर बैठा था कि तभी श्वेता का मोबाइल फ़ोन बजा. श्वेता बाथरूम में थी इसलिए अरविन्द ने फ़ोन उठा लिया. फ़ोन उठाते ही दूसरी तरफ से आवाज़ आई “हेलो अरविन्द, मैं थोड़ी देर में घर आ रहा हूँ, कुछ ज़रूरी बात करनी है” बस इतना कह कर उस आदमी ने फ़ोन काट दिया. अब अरविन्द ये सोचने लगा कि उस आदमी को उसका नाम कैसे पता, अरविन्द के दिमाग में कई तरह के ख़याल आ रहे थे. अरविन्द को लगा कि शायद ये वो आदमी है जिसके साथ श्वेता अक्सर घूमती है. अरविन्द को लगा कि शायद श्वेता उससे डाइवोर्स लेना चाहती है और इस सिलसिले में बात करने वो व्यक्ति घर आ रहा है, अरविन्द बहुत उदास हो गया. वो अपनी शादी को टूटने नहीं देना चाहता था लेकिन चूँकि श्वेता ने धोखा दिया, उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था. अरविन्द जैसे अपनी पत्नी को खोने के डर से घबरा गया था और वही ज़मीन पर गिर गया. इतने में श्वेता भी बाहर आ गयी और उसने अरविन्द को उठाया और पुछा “क्या हुआ तुम्हे, तुम ठीक तो हो?” अरविन्द ने गुस्से में श्वेता को धक्का दिया और वो गिर गयी और उसका सिर पास रखे टेबल पर लगा. श्वेता कोई हरकत नहीं कर रही थी. कांपते हुए हाथो से अरविन्द ने श्वेता को अपनी बांहो में उठाया और देखा कि उसके सर पर बहुत गहरी चोट लगी है जिसकी वजह से श्वेता बेहोश हो गयी है. तभी अरविन्द की नज़र श्वेता के हाथो में पकडे हुए एक एनवेलप पर गयी. उसने एनवेलप खोला तो उसमे लिखा था “Dear Arvind, मैं तुम्हे कई दिनों से बताना चाहती थी लेकिन सोचा कि तुम्हे सरप्राइज दू. मैं पिछले कुछ दिनों से अपने इलाज के लिए एक डॉक्टर के पास गयी थी और वो डॉक्टर मेरा वही cousin था जो बचपन में फॉरेन चला गया था. उसने मेरा ट्रीटमेंट शुरू किया था और अब मैं 2 महीने प्रेग्नेंट हूँ. आज मैंने अपने उस cousin को खाने पर बुलाया है, तुम उससे मिल कर बहुत खुश होंगे. तभी दरवाज़े की घंटी बजती है और अरविन्द दौड़ कर दरवाज़ा खोलता है. दरवाज़े पर श्वेता का वही cousin खड़ा था और वो कहता है “अरविन्द…मैं नीरज हूँ, श्वेता का भाई, कैसे हो तुम?” तभी नीरज की नज़र श्वेता पर पड़ती है जो खून से सनी हुई ज़मीन पर पड़ी थी. नीरज फ़ौरन श्वेता को हॉस्पिटल ले जाता है और वहां श्वेता कोमा में चली जाती है. श्वेता अपने बच्चे को भी खो देती है. अरविन्द अपना सिर पकडे श्वेता के पैरो पर बैठा उससे माफ़ी माँगना चाहता था लेकिन श्वेता अभी भी कोमा में ही थी. एक छोटी सी गलत फेहमी ने श्वेता और अरविन्द के रिश्ते में भूचाल ला दिया. दोस्तों, ये कहानी हमें बहुत बड़ी सीख देती है. गहरे रिश्ते में किसी भी नतीजे पर पहुँचने से पहले अपने पार्टनर से बात ज़रूर करनी चाहिए. खामियां हम सबमे होती है लेकिन अपने पार्टनर पर इल्जाम लगाने से पहले अच्छे से जांच ले और सबसे ज़रूरी उससे खुल कर बात करे. आप जो देखते है या सुनते है वो ज़रूरी नहीं कि सच हो. मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Hp Video Status Ki Kahani” आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
 

Real Hindi Stories:love stories

देर से ही सही प्यार का एहसास तो हुआ -

संजना बहुत छोटी थी तभी उसकी माँ गुजर गयी, वो बिलकुल अकेली हो गयी थी, रिश्तेदारों ने उसके पापा को दूसरी शादी कर लेने को कहा, चुकी संजना बहुत छोटी थी और उसके पापा वर्मा जी उसे अकेले नहीं संभाल पाते इसलिए उन्होंने दूसरी शादी कर ली, उनकी दूसरी पत्नी बहुत सुन्दर थी, उसकी सुंदरता देख कर वर्मा जी इतने कायल हो गए की वो संजना को भूल से गए थे, अब तो उनकी जिंदगी उनकी पत्नी तक ही सिमट कर रह गयी थी, वो ऑफिस से आते और अपनी पत्नी के पास चले जाते, उनकी पत्नी भी वर्मा जी को खुश करने में लगी रहती थी, वर्मा जी भी अपनी किस्मत पर खुश हो रहे थे, एक बेटी के रहते उन्हें दूसरी पत्नी इतनी सुन्दर मिली ये कभी सोच नहीं सकते थे,हलाकि वर्मा जी खुद देखने में ज्यादा सुन्दर नहीं थे,ना ही उनकी पहली पत्नी ज्यादा सुन्दर थी इसलिए संजना भी सुन्दर नहीं हुई, कुछ सालो के बाद वर्मा जी को दूसरी बेटी हुई जो बिलकुल अपनी माँ पर गयी, वो भी अपनी माँ की तरह बहुत ही खूबसूरत थी, वर्मा जी अब अपनी दूसरी पत्नी और बेटी तक सिमट कर रह गए थे,वो संजना को भूल से गए थे, संजना को उसकी सौतेली माँ नौकरानी बना कर रख दी थी , अपने ही घर में उसे दुसरो की तरह व्यवहार किया जाता था, और उसकी छोटी बहन भी उसे कभी बड़ी बहन नहीं मानी, उसे हमेशा नौकरानी ही समझा.संजना की छोटी बहन जिसका नाम वंदना था, वो बिलकुल अपने माँ की तरह थी, सुन्दर और संजना को नौकरानी समझने वाली, संजना ना कभी अपनी माँ की बात का जवाब देती ना ही अपनी छोटी बहन वंदना का, वो सिर्फ और सिर्फ घर का सारा काम करके पढ़ाई करती, काम और पढ़ाई के अलावे उसेक जीवन में कुछ भी नहीं था, इसलिए वो हर क्लास में टॉप आती थी, उसके उलट वंदना पढ़ाई के बदले मस्ती करती थी, वर्मा जी वंदना और उसकी माँ की हर मनोकामना पूरी करते थे, वंदना जिद करके भी अपनी मांग मनवा लेती थी,जबकि संजना ने कभी जिद किया ही नहीं, उसे डर था की उसकी मांग कभी पूरी नहीं होगी और ज्यादा जिद किया तो उसे घर से निकल दिया जायेगा, क्योंकि उसे घर में कोई भी पसंद नहीं करता था, वो सिर्फ काम वाली बन कर रह गयी थी, धीरे-धीरे वक्त बीतता चला गया और संजना बड़ी हो गयी, श्यामली रंग की संजना भले ही बहुत सुन्दर ना हो लेकिन वो बहुत ही समझदार,मेहनती,काम करने वाली और पढ़ने में बहुत ही तेज थी, अपनी पढ़ाई और अच्छी रिजल्ट की वजह से उसे एक अच्छी जॉब भी मिल गयी, इधर वंदना पढ़ाई छोड़ मस्ती करती थी,रात भर पार्टी करना, शराब पीना,क्लब जाना, और ना जाने क्या क्या शौक थे उसके. वो बहुत ही मुँह फट और बद्तमीज हो गयी थी, उसे अपनी सुंदरता का घमंड भी था, जैसे-तैसे करके उसने अपनी पढ़ाई पूरी की. इधर संजना जिस कम्पनी में काम करती थी, उसका मालिक बहुत अच्छा था, उसकी पत्नी उसके बेटे के 5 साल होते ही चल बसी थी और उसने दूसरी शादी नहीं की , अपना सारा ध्यान अपने कम्पनी की तरफ लगा दिया, जिसकी वजह से आज उसकी कंपनी शहर की सबसे प्रसिद्ध कम्पनी हो गयी थी, उसका बेटा संजीव भी बिना माँ और बिना पापा के प्यार के पला-बढ़ा था जिसकी वजह से वो भी बद्तमीज और घमंडी बन गया था, घमंड था उसे अपने पैसे का और अपनी स्मार्टनेस का, उसके पापा शर्मा जी बहुत परेशान हो गए थे उनकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे, क्योंकि ज्यों-ज्यों संजीव बड़ा होता गया वो और बद्तमीज होता गया, पैसे की कमी ना होने की वजह से अक्सर रात को पार्टी में जाता, क्लब में जाता, शराब पीता, और घर लेट से आता. एक दिन वो रात को क्लब में शराब पि रहा था और डांस कर रहा था, तभी वो वंदना से टकरा गया, और दोनों की निगाहें आपस में मिली और फिर क्या था, वो दोनों अक्सर किसी ना किसी पार्टी में मिल जाया करते थे, हमेशा एक दूसरे से टकराने की वजह से दोनों में पहले दोस्ती हुई फिर दोनों में प्यार हो गया, क्योंकि दोनों जिंदगी जीने का नजरिया समान जो था, दोनों मस्ती करते और जिंदगी की टेंशन ना लेते, धीरे-धीरे संजीव और वंदना में प्यार हो गया,और दोनों शादी की सोचने लगे, लेकिन शर्मा जी ने अपने बेटे के लिए कोई और ही पसंद कर लिया था, उसका नाम संजना था, शर्मा जी को संजना बहुत पसंद आयी, उसका काम करने का तरीका और समझदारी देख कर उन्हें लग गया था जिस तरह ये कम्पनी में काम करती है, उसी तरह यह मेरे बेटे की जिंदगी भी सवार देगी, इसलिए उसने संजना से अपने बेटे की शादी की बात उससे कह डाली, संजना सुन कर कुछ देर शांत रही फिर हाँ बोल दी, शाम को शर्मा जी ने अपने बेटे को बुलाया और बोला की उन्होंने उसकी शादी ठीक कर दी है, ये सुन कर संजीव गुस्सा हो गया और उसने बोला की वो किसी और से प्यार करता है और उसी से शादी करेगा, ये सुन कर शर्मा जी सोच में पड़ गए और उन्होंने उस लड़की का पता किया तो उन्हें पता चला की लड़की भी उनके बेटे की तरह है, दोनों देर रात तक पार्टी करते हैं और पैसे खर्च करते हैं, शर्मा जी परेशान हो गए और उनकी परेशानी की सबब जब संजना ने पूछा तो शर्मा जी ने बताया की उनका बेटा बिना माँ के पला बढ़ा है, ना जाने कब उसे अक्ल आएगी. वो बहुत जिद्दी हो गया है, जिसे सुन कर संजना ने कहा वक्त के साथ साथ सब सही हो जायेगा, टेंशन ना ले. शर्मा जी शाम को घर गए और बेटे को कहा की उसे उन्ही के द्वारा तय की हुई लड़की से शादी करनी होगी,वरना उसे जायदाद से कुछ नहीं मिलेगा, ये सुन कर संजीव सोच में डूब गया उसने ये बात जब वंदना से बताई तो वंदना ने कहा पापा के बताई लड़की से शादी कर ले, और उसे इतने परेशान करो की वो खुद तुम्हे छोड़ दे, उसके बाद वो दोनों शादी कर लेंगे. संजीव उसकी बात मान ली,और अपने पापा के बताये लड़की से शादी की बात मान ली, जब शादी हुई तो पता चला की संजीव की शादी संजना से हो रही है, वंदना को भी उसी दिन पता चला और संजीव को भी जिस लड़की से शादी हो रही है वो वंदना की बड़ी बहन है.अब तो वंदना और गुस्सा हो गयी,कल तक तो वो अपनी बहन को पसंद नहीं करती थी आज उससे नफरत करने लगी, क्योंकि उसने उसके बॉय फ्रेंड को उससे जुदा जो कर दिया था. जहां संजीव शादी के बाद संजना को परेशान करता था वहीँ संजना संजीव से बहुत प्यार करती थी, क्योंकि उसे बचपन से कभी प्यार नहीं मिला था,इसलिए वो संजीव से प्यार पाने में लग गयी थी, संजीव का ख्याल रखती थी, लेकिन संजीव संजना को पसंद नहीं करता था, इधर संजीव के पापा बीमार पड़े, संजना ने काफी कोशिश की लेकिन शर्मा जी बच नहीं पाए. और एक दिन वो चल बसे. शर्मा जी के जाने के बाद सारी जयदाद का मालिक संजीव हो गया और उसने संजना को इतना तंग किया की वो घर छोड़ दे, अंत में संजना को संजीव से तलाक लेना पड़े, और संजना उसे छोड़ कर चली गयी, उसके बाद संजीव ने वंदना से शादी कर ली और दोनों ख़ुशी ख़ुशी रहने लगे. अब तो लेट नाईट तक पार्टी चलती रहती थी, संजीव ऑफिस भी नहीं जाता था, जिसकी वजह से कम्पनी को नुकसान होने लगा, धीरे-धीरे कंपनी बंद होने के कगार पर आ गयी, अब तो पैसे भी आने बंद हो गए थे, संजीव वापस कम्पनी में काम करने के लिए आ गया,लेकिन उसकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था,उसने काफी कोशिश की लेकिन वो कम्पनी को चला नहीं पा रहा था, इस टेंशन में वो बीमार पड़ गया और उसने वंदना से कहा की आज रात मेरे साथ रहो,जबकि वंदना पार्टी जाने के लिए तैयार हो रही थी, उसने कहा, तुम बीमार हो मैं क्यों यहाँ रहू, तुम डस्टर को बुला लो मुझे पार्टी जाने में लेट हो रही है मैं जा रही हो, ये सुन कर संजीव को बहुत दुःख हुआ और उसे संजना की याद आने लगी उसे अब अपने गलती का एहसास हो गया था, उसने डॉक्टर को बुलाया और अपना इलाज करवाया, सही होने के बाद वो संजना को ढूढ़ने लगा, संजना का पता चला वो उससे मिलने चला गया,संजीव ने संजना से माफ़ी मांगी और उससे मिन्नतें की वो वापस कम्पनी ज्वॉइन कर ले, संजना आज भी संजीव से प्यार करती थी इसलिए वो टूट गयी और कम्पनी में वापस काम करने लगी, धीरे-धीरे संजना वापस कम्पनी को ऊपर लाने लगी,संजीव बहुत खुश था,अब वो घर से ज्यादा ऑफिस में रहता था, पार्टी जाना भी बंद कर दिया था, वो सारा ध्यान कंपनी में लगा रहा था, लेकिन वंदना को ये बात पता चल गयी की संजना वापस कम्पनी आ गयी है, उसने संजीव से कहा की वो संजना को काम से निकाल दे, लेकिन संजीव नहीं माना, वंदना को लग चूका था की संजीव की जिंदगी में संजना एक बार फिर वापस आ गयी है, अब तो रोज झगड़े होने लगे,लेकिन संजीव था की संजना को काम से नहीं निकाल रहा था, कहीं ना कहीं वंदना की बेरुखी संजीव को संजना के करीब ला रहा था, एक दिन गुस्से में आ कर वंदना ने कहा की वो संजीव को कोर्ट में ले जाएगी, संजीव ने भी कहा , ले जाओ, लेकिन वो संजना को नहीं निकलेगा. ये सुन कर वंदना गुस्से में कार से कोर्ट की तरफ जाने लगी गुस्से की वजह से वो गाड़ी बहुत तेज चला रही थी जिसकी वजह से कार का एक्सीडेंट हो गया और वंदना वहीँ मर गयी, कुछ दिनों के बाद संजीव ने संजना से दोबारा शादी कर ली और दोनों ख़ुशी ख़ुशी एक साथ रहने लगे,आज संजीव को सच्चे और अच्छे प्यार का मतलब समझ में आया, जो भी हो संजीव समझ चूका था की मन की खूबसूरती ज्यादा अच्छी होती है तन की खूबसूरती से, आज संजीव को देर से ही सही सच्चे प्यार का एहसास हुआ. मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Hp Video Status Ki Kahani” आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
 

Real Hindi Stories:love stories

एक ऐसी भी कहानी इश्क़ की - Love Story - Love Stories

संजीव दिल्ली में ही रह कर अपनी पढ़ाई कर रहा था, उसे किसी से कोई मतलब नहीं था, उसने अपना एक अलग ही दुनिया बना कर रखा था, एक कमरे का फ्लैट था, जिसमे किचन और बाथरूम अटैच्ड था, एक छोटी सी बालकनी भी थी,लेकिन वो बालकनी में ना के बराबर जाता था, उसका रूम किताबो से भरा हुआ था ,यूँ कह लीजिये की संजीव पूरा किताबी कीड़ा था,उसे बाहरी दुनिया से कोई मतलब नहीं था,जब देखो तब किताबो में घुसा हुआ रहता था, घर से इंस्टिट्यूट और इंस्टिट्यूट से घर,बस यही दुनिया थी उसकी. एक दिन शाम में अचानक लाइट चली गयी और अँधेरा हो गया, गर्मी भी बहुत थी, इसलिए वो बालकनी में निकल गया,तो देखा सामने के बालकनी में एक लड़की खड़ी है, लाल रंग की हाफ पेंट और ब्लू रंग की हाफ टी-शर्ट पहने वो खड़ी थी, दोनों की आपस में नजर मिली, फिर लड़की उधर देखने लगी और संजीव भी दूसरी तरफ देखने लगा, संजीव ने एक बार फिर तिरछी नजर से उस लड़की की तरफ से देखा, लड़की देखने में चिंकी लगी, दिल्ली में चिंकी उसे कहते हैं, जो लड़की नार्थ-ईस्ट इंडियन होते हैं, और नार्थ ईस्ट के लड़के को चिंका बोला जाता है. तो चिंकी को वो बार-बार देख रहा था,शायद वो चिंकी संजीव को पसंद आ गयी थी, चिंकी की भी नजारे संजीव से टकरा जाया करती थी, अब तो बार-बार नजरे मिलने लगी,नजरे मिलती और दोनों एक दूसरे से नजरे चुरा लेते और फिर तिरछी निगाहों से एक दूसरे को देखने लगते, तभी लाइट आ गयी और चिंकी वापस अपने कमरे में चली गयी, संजीव भी वापस अपने कमरे में चला आया, लेकिन उसका दिल अब पढ़ने में नहीं लग रहा था, उसकी निगाहें चिंकी को ढूंढने में लगी हुई थी, तभी एक बार फिर लाइट चली गयी और संजीव खुश हो गया और बालकनी में जा कर खड़ा हो गया, लड़की भी सामने खड़ी थी,दोनों एक दूसरे को देख रहे थे,फिर से लाइट आ गयी और दोनों अपने कमरे में वापस आ गए. एक समय था,जब लाइट जाती थी तो संजीव चिढ जाया करता था,और आज एक समय है जब लाइट जाने पर वो खुश हो जाया करता था, वो मना ही रहा था की एक बार फिर लाइट चली जाये और उसे चिंकी का दीदार हो जाये,लेकिन लाइट नहीं गयी,ना ही वो पढ़ पाया, अब तो हालात ये थे की संजीव को किताबो में भी चिंकी का ही चेहरा नजर आता था, संजीव ने किताब बंद कर दी और सोने की कोशिश करने लगा, सुबह वो उठ कर बालकनी में आया तो पाया,चिंकी मुँह धो रही थी, काफी सुन्दर लग रही थी वो, उसे देख कर संजीव को लगा की उसका दिन अच्छा गुजरेगा और हुआ भी वही,अब शाम को वो बालकनी में उसका इंतजार करने लगा लेकिन वो नहीं आयी, शायद लाइट थी इसलिए वो नजर नहीं आयी, उसने उस लड़की से बात करना चाही लेकिन कैसे बात करता उसकी समझ में नहीं आ रहा था, वो उसका नाम भी नहीं जानता था,और उससे उसको प्यार हो गया, अब संजीव का दिल पढ़ाई में नहीं लग रहा था, उसका दिल कह रहा था की कैसे भी उसका दीदार हो जाये वो उससे बात कर पाए लेकिन चार दिन बीत गए,और लड़की का दीदार नहीं हो पाया,तभी पांचवे दिन सुबह संजीव अपने घर से निकल कर बाहर जा ही रहा था की अचानक से वो लड़की नजर आयी वो भी घर से बाहर जा रही थी, संजीव उसका पीछा करने लगा, लड़की बस स्टॉप पर गयी,संजीव भी उसके पीछे बस स्टॉप पर चला गया,फिर लड़की ने बस स्टैंड,आई एस बी टी का बस पकड़ा, संजीव को लगा की वो कहीं शहर से बाहर तो नहीं जा रही है,इसलिए उसने सोचा की बस से उतर कर आखिरी बार ही सही उससे बात जरूर कर लूंगा, वो उसके पीछे बस पर चढ़ गया,लड़की बस स्टैंड पर उतर गयी और पैदल आगे बढ़ गयी, संजीव भी उसके पीछे ऐसा ही किया, लड़की सड़क पार करके मार्किट के अंदर चली गयी वो तिब्बती मार्किट था,संजीव आज तक सुना था इस मार्किट के बारे में कभी आया नहीं था, आज उस लड़की की वजह से उसने ये मार्किट देख लिया, कुछ देर के बाद लड़की एक दुकान के अंदर चली गयी, और कपडे सही करने लगी,संजीव को लगा या तो ये दुकान उसका है या वो इस दुकान में काम करती है, जब दिन चढ़ा तब तक संजीव बस स्टैंड पर भी इधर उधर घूमता रहा,फिर दिन चढ़ने के बाद वो उसी दुकान में चला गया और कपडे देखने लगा,लड़की उसे देखि और मुस्कुराने लगी, फिर दोनों के बिच बात भी हुई, संजीव बहुत खुश हुआ उससे बात करके, लड़की का नाम सेरेपा था, संजीव सोच में डूब गया की ये कैसा नाम है? लेकिन नाम तो नाम है,सेरेपा ने संजीव को बहुत सरे कपडे दिखाए और खरीदने को बोली,संजीव भी एक शर्ट खरीद कर चला गया, और शाम को वही शर्ट पहन कर बालकनी में खड़ा हो कर लड़की का इंतजार करने लगा, लड़की बालकनी में आई और शर्ट पहने संजीव को देख कर बोली अच्छे लग रहे हो,संजीव बहुत खुश हुआ,अब तो संजीव कुछ ही दिनों के बाद दुकान पहुंच जाता और शर्ट खरीद कर उसे पहन कर बालकनी में खड़ा हो जाता,और लड़की का इंतजार करता, लड़की भी देख कर खुश होती और संजीव को बोलती अच्छा लग रहे हो, इस तरह संजीव के पास बहुत सारे शर्ट हो गए,कल तक जिस रूम में सिर्फ किताबे होती थी आज उसकी जगह शर्ट ने ले ली थी, सिर्फ शर्ट और टी-शर्ट नजर आ रहे थे, एक दिन संजीव ने सेरेपा को “आई लव यू” बोल दिया,जिसे सुन कर सेरेपा चौंक गयी. उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या बोले? कुछ देर तक सोचने के बाद सेरेपा ने बोला की वो भी उसे पसंद करती है,लेकिन उसने कभी उसे प्यार की नजर से नहीं देखा,सिर्फ दोस्त समझा,अब तो संजीव का दिल टूट गया, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? प्यार के चक्कर में उसने ना जाने कितने शर्ट और टी-शर्ट खरीद लिए और सिर्फ दोस्त सुनने को मिला, अब तो उसका दिल रोने का कर रहा था, उसके लिए वो कितनी ही बार उसके दुकान के चक्कर काटे,जिसकी वजह से वो इंस्टिट्यूट नहीं जा पाया, साथ ही साथ वो कितना समय पढ़ाई के बदले बालकनी में खड़े हो कर बिता दिए,संजीव कहीं का नहीं रहा, अब तो उसका दिल कर रहा था की वो जोर-जोर से रोये, क्योंकि प्यार की चक्कर में वो बर्बाद हो चूका था,वो किसी से बिना कुछ बोले,वापस घर चला आया और कुछ दिन घर में बिता कर सेरेपा को भूलने की कोशिश करने लगा और वापस दिल्ली जाने के बाद उसने अपना घर बदल लिया और एक बार फिर अपनी पढ़ाई में जुट गया, ये कसम कहते हुए की अब किसी से प्यार नहीं करेगा……….. मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Hp Video Status Ki Kahani” आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
 

Real Hindi Stories:love stories

वाह रे गजब का इश्क़ - Love Story - Love Stories

सपना दिल्ली में अकेली रहती थी,पहले तो वो दिल्ली पढ़ने के लिए गयी थी,फिर पढ़ाई खत्म करने के बाद वो वहीँ जॉब की तलाश भी करने लगी, जॉब की तलाश करते-करते उसे एक दिन एक कंसल्टेंसी से जॉब के लिए कॉल आया,वो बहुत खुश हुई और जॉब की आशा में कंसल्टेंसी पहुंची,वहां उसकी मुलाकात रवि से हुई,रवि ने उससे बात की और जॉब दिलाने के नाम पर उससे 2500 रूपये ले लिए और उसे एक सप्ताह के बाद बुलाया,एक सप्ताह के बाद सपना ख़ुशी ख़ुशी ऑफिस पहुंची जॉब के लिए तो रवि ने उससे बड़े प्यार से बात किया और एक बार फिर 2500 रूपये ले कर उसे एक सप्ताह के बाद आने को बोल दिया,इस तरह सपना 5000 रवि को दे चुकी थी इस आशा में की उसे जॉब मिलेगा,अगली सप्ताह फिर पहुंचने के बाद रवि ने उससे प्यार से बात किया और अपने ही ऑफिस में काम दे दिया, सपना देखने में जितना सुन्दर थी,उतनी ही उसकी सुरीली आवाज थी, रवि ने उसे रिसेप्शन पर बिठा दिया और बोला की उसे आने वाले कैंडिडेट से बात करना है और कैंडिडेट को बुलाने के लिए उसे कॉल भी करना है,इसके लिए उसने उसे मोबाइल भी दे दिया. और उसकी सैलरी 8000 रूपये महीना तय किया और बाद में बढ़ा देने की भी बात कही. सपना ने सोचा की शुरू करने में क्या हर्ज है,और वो जॉब करने लगी. कुछ दिन तक तो सब कुछ अच्छा चलता रहा,फिर रवि सपना के करीब जाने की कोशिश करने लगा, पता नहीं लेकिन उसे सपना अच्छी लगने लगी और वो सपना के पास जाने की कोशिश करने लगा,रवि का अपने करीब आने सपना को भी अच्छा लगने लगा, इसलिए वो रवि को अपने करीब आने दे रही थी,कुछ दिनों के बाद फिर दोनों करीब हो गए. अब दोनों एक दूसरे के पास आ गए, इसी तरह 1 महीना बिता, 2 महीने बीते, तीसरा महीना सपना को याद आया की रवि ने उसे आज तक सैलरी नहीं दिया है, और वो रवि से मांग दी,इस पर रवि ने प्यार का वास्ता दे कर उसे चुप करवा दिया, उन्ही दौरान पंकज भी रवि से मिलने उसके ऑफिस आता था, यूँ तो पंकज रवि का दोस्त नहीं था,लेकिन हाँ जान पहचान जरूर थी इसलिए उसे जब भी समय मिलता वो रवि के ऑफिस आ जाता था, जब पंकज ने सपना को देखा तो उसे भी सपना से प्यार हो गया, लेकिन वो जनता था की रवि जरूर उससे प्यार करता होगा इसलिए उसने सपना के बारे में कभी कुछ नहीं बताया, खैर सपना को रवि एक यहाँ काम करते हुए 6 महीने बीत गए अब तो सपना का मन भारी होने लगा था, वो जब भी रवि से पैसे मांगती रवि कोई ना कोई बहाना मार देता,नहीं तो प्यार का वास्ता दे देता,और सपना मजबूर हो कर पैसा नहीं मांगती,लेकिन करीब 1 साल होने के आये तो सपना ने फिर पैसा माँगा और रवि ने बोला की वो पैसा नहीं दे पायेगा और ऑफिस भी बंद कर रहा है अब तो सपना कहीं की नहीं रही, अगले दिन से सपना ऑफिस जाना बंद कर दी कुछ दिनों तक तो वो चुप चाप बैठा रहा, फिर एक दिन उसे पंकज की याद आयी और उसने पंकज को कॉल करके जॉब दिलाने की बात कही, पंकज ने जब रवि के बार एमए पूछा तो सपना ने बताया की रवि ने ऑफिस बंद कर दिया है और वो जॉब की तलाश कर रही है, इस पर पंकज ने रवि के बारे में बताया रवि रोज ऑफिस खोलता है और उसने उसकी जगह नयी लड़की रख ली है, मतलब साफ़ था की रवि ने सपना का यूज़ किया और उसके बाद सपना को छोड़ दिया, वो रोने लगी लेकिन पंकज ने यूज़ संभाल लिया और इस तरह अब पंकज सपना के करीब हो गया और कुछ दिनों के बाद पंकज ने सपना को प्रोपोज़ कर दिया, सपना बहुत खुश हुई और वो पंकज के साथ शारीरिक सम्बन्ध बना ली .सपना बहुत खुश थी की उसे पंकज जैसा लड़का मिला जो उसे बहुत प्यार करता था, लेकिन उसके दिमाग में रवि से बदला लेने का भी प्लान बन रहा था, सपना ने पंकज को रवि के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया,पंकज भी रवि को मारने का प्लान बनाता,ये प्लान सुन कर सपना बहुत खुश होती, लेकिन प्लान कभी सक्सेस नहीं होता,क्योंकि पंकज पहले ही रवि को सारा प्लान बता देता था,और ये बात सपना को नहीं मालूम होता, प्लान को सफल बनाने के लिए पंकज हमेशा सपना से पैसा लिया करता,और वो पैसा पंकज और रवि आपस में बाँट लेता, एक दिन सपना ने पंकज से पूछा, इतना पैसा खर्च होने के बाद भी रवि का कुछ नहीं हुआ,अब तो पंकज को लगा की सपना सच्चाई ना जान जाये, इसलिए दो दिनों के बाद ही वो सपना को ले कर हॉस्पिटल गया,जहाँ रवि के हाथ-पैर में पट्टी बंधा हुआ था,और पंकज ने बताया की उसके दोस्तों ने रवि की ये हालत की है, सपना बहुत खुश हुई लेकिन पंकज उदास था, इस पर सपना ने उसकी उदासी की वजह पूछी तो पंकज ने बताया की रवि ने पुलिस कम्प्लेन किया है और उसका दोस्त पुलिस की गिरफ्त में है और उसने उसका नाम लिया तो दोनों फस जायेंगे, इस पर सपना ने पूछा कैसे बचा जाये तो पंकज ने कहा की पुलिस वालो को पैसे देने होंगे,उसके बाद ही वो दोनों बच सकते हैं, फिर क्या था? सपना ने पंकज के बताये अनुसार पैसे दे दिए, सपना के जाने के बाद रवि उठ कर बैठ गया और दोनों दोस्त पार्टी भी किये और इस ख़ुशी में सपना ने पंकज को किश भी दिया और उसके साथ शारीरक संबंध भी बनाया,अब तो पंकज को जब पैसा चाहिए था,वो सपना से ले लेता,और सपना भी पंकज को पा कर खुश थी, एक दिन सपना ने पंकज को मिलने के लिए बुलाया,लेकिन पंकज ने बहाना बना दिया,संयोग से सपना जो पार्क घूमने गयी थी उसी पार्क में उसने पंकज को दूसरी लड़की के साथ देखा,अब तो सपना का दिल एक बार फिर टूट गया, उसे लगा की पंकज भी उसे धोखा दे रहा है, अगले दिन वो पंकज के घर पहुंच गयी और उसे शादी करने को बोला,पंकज मना कर दिया . ये बात पंकज का बड़ा भाई संजीव भी सुन रहा था, उसने पंकज को डाँट लगाई और कहा की शादी नहीं करना था तो इससे प्यार क्यों किया,इस पर पंकज ने बताया की वो इससे नहीं किसी और से प्यार करता है, ये सुन कर सपना के आँख भर आये और उसने पंकज के बड़े भाई को सारी बात बता दी,पंकज के बड़े भाई संजीव ने सपना को अपने रूम में ले गया और उसके आसूं पोछे और उसे प्यार से समझाया की वो टेंशन ना ले वो पंकज से बात करेगा. लेकिन धीरे-धीरे पंकज सपना की जिंदगी से चला गया और उसका स्थान पंकज के बड़े भाई संजीव ने ले लिया, हलाकि संजीव जॉब करता था और उसके पास समय नहीं था, फिर वो सपना से मिलने के लिए समय निकालता था और ये बात सपना को पसंद आ गयी, संजीव की बातें, उसका स्वभाव सपना को बहुत पसंद आया और सपना संजीव के करीब जाने लगी, अब तो सपना और संजीव रविवार को सारा दिन एक साथ बिताते थे, दोनों एक दूसरे के बहुत ही करीब आ गए.इतने करीब की सपना ने संजीव के साथ शारीरक सम्बन्ध भी बना लिया था, अब सपना ने सोचा क्यों ना संजीव से जरिये पंकज से बदला लू, इसलिए वो पंकज के सामने ही संजीव को चूमती थी, उससे प्यार करती थी, ये बात पंकज को मालूम था,क्योंकि रवि को मजा चखाने के लिए सपना ऐसा कर चुकी थी, आज वही दिन है अंतर सिर्फ इतना था की उस दिन रवि से बदला लेने के लिए उसी का दोस्त पंकज था और आज पंकज से बदला लेने के लिए पंकज का बड़ा भाई संजीव था. धीरे-धीरे सपना ने संजीव को अपने प्यार के मोहजाल में फसा लिया ,लेकिन क्या संजीव सपना के कहने पर अपने छोटे भाई को कुछ करेगा, सपना को यकीन था,लेकिन संजीव की सोच भी पंकज और रवि की तरह ही था.सपना से पैसा मिल ही रहा था और ऊपर से शारीरक सुख भी.वक्त के साथ साथ सपना को ये पता चल ही गया की, संजीव अपने छोटे भाई को कुछ नहीं करेगा, उसे संजीव पर गुस्सा आ रहा था, लेकिन वो क्या करती,कहीं ना कहीं वो संजीव से जुड़ा रहना चाहती थी,क्योंकि संजीव से वो प्यार करती थी,लेकिन संजीव , सपना से प्यार नहीं करता था,इसलिए तोजब भी वो शादी की बात संजीव से की तो संजीव टालने लगा,आखिर कार सपना को ये पता चल ही गया की संजीव उससे शादी नहीं करेगा,और उसे बहुत बुरा लगा लेकिन वो न ही अपने भाई को डांटा और न ही उससे शादी करेगा.इस तरह सपना का दिल पहले रवि तोडा फिर पंकज ने अब संजीव भी उसका दिल तोड़ रहा था.जब सपना ने संजीव पर दवाब बनाया की वो शादी कर ले ,तो संजीव शादी करने से मना कर दिया.अब तो सपना बिलकुल अकेली हो गयी थी, उसे यकीं हो गया था की सभी ने मिल कर उससे पैसा और इज्जत दोनों प्यार और शादी के नाम पर सिर्फ और सिर्फ लुटा. मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Hp Video Status Ki Kahani” कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
 

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समझौता या प्यार - Love Story - Love Stories

प्रिया दिल्ली के कॉलेज में पढ़ती थी, वो कॉलेज पढ़ने जाती थी या घूमने,ये बात खुद प्रिया को नहीं मालूम था. क्योंकि क्लास से ज्यादा तो वो कॉलेज के कैंपस में इधर-उधर घूमने में बिताती थी.सिर्फ परीक्षा के समय पढ़ती थी,बाकि साल बस घूमना और मस्ती करना,उसका मानना था की जब तक अकेले हो,कॉलेज का समय है मस्ती कर लो,फिर तो शादी के बाद बंध ही जाना है, ना ही कोई मस्ती ना ही कोई आजादी,सिर्फ घर,पति फिर बच्चे. प्रिया देखने में भी बहुत सुन्दर थी, जो उसे देखता,देखता ही रह जाता, खुली विचारधारा की और बिलकुल स्वछन्द, आजादी पसंद लड़की, लड़को के साथ घूमना, और उसका ड्रेस भी लड़को ही जैसा था, या यूँ कह ले की प्रिया अपने आपको लड़की नहीं मानती थी,भले उसके दिलो-दिमाग ये था की कल जब उसकी शादी हो जाएगी तो उसका घूमना,स्वछंद रहना सब बंद हो जायेगा,लेकिन वो सोचती थी की कल की कल देखी जाएगी,आज क्यों बर्बाद करना,इसलिए वो आज में जीती थी.लड़के ही उसके दोस्त थे और लड़को के साथ ही वो घुमा करती थी. शायद इसलिए भी वो क्लास से जयादा कैंपस में नजर आती थी, वैसे तो उसके बहुत सारे दोस्त थे,लेकिन उन दोस्तों में उसे अनिल बहुत पसंद था,क्योंकि अनिल देखने में स्मार्ट था और काफी पैसे वाला था. उसके पापा व्यवसायी थे, वो हमेशा कार से कॉलेज आता था,और प्रिया को अक्सर घुमाने भी ले जाया करता था, वहीँ प्रिया के ही साथ पढ़ने वाला अजय भी प्रिया को बहुत चाहता था, एवरेज दिखने वाला अजय बाइक से कॉलेज आता था, क्योंकि उसके पापा अमीर नहीं थे, इसलिए वो अमीर नहीं था, भले दौलत से अजय अमीर नहीं था,लेकिन पढ़ाई में हमेशा अव्वल आता था, और उसे यकीं था की एक दिन वो अपने दम पर एक बड़ा और पैसे वाला आदमी बन जायेगा.अजय प्रिया को दिलो जान से प्यार करता था,ये बात प्रिया को भी मालूम थी, अजय हमेशा पढ़ाई में उसकी मदद करता था,यहाँ तक की अजय के दम पर ही वो परीक्षा भी पास करती थी, इसलिए प्रिया की जिंदगी में फ़िलहाल दो लड़के बहुत ही करीब थे,एक अनिल और दूसरा अजय. प्रिया को खुद समझ में नहीं आ रहा था की वो अजय से प्यार करे या फिर अनिल से.इसलिए वो दोनों से प्यार करती थी,जब मौका मिले अजय के साथ रहती या फिर अनिल के साथ. हलाकि अजय चाहता था की प्रिया उसकी बन कर रहे लेकिन वो जानता था की प्रिया अनिल को नहीं छोड़ सकती, क्योंकि प्रिया का खर्चा अनिल ही चला रहा था,और अजय के पास इतना पैसा नहीं था की वो प्रिया का खर्चा उठा सके, इसलिए उसे अपना मन मारना पड़ रहा था, वैसे अजय के जिंदगी में और कई लड़किया आना चाहती थी,लेकिन अजय को अपने प्यार पर पूरा विश्वास था की एक दिन प्रिया उससे प्यार करेगी, और इधर अनिल प्रिया के अलावे भी लड़कियों के साथ व्यस्त रहता था. एक दिन हिम्मत करके अजय ने प्रिया के सामने अपने प्यार का इजहार कर दिया,ये सुन कर प्रिया कुछ देर खामोश रही फिर उसने बोला की, उसे सोचने का वक्त दे,तब तक वो उसकी दोस्त तो है ही और दोस्त बन कर रहेगी. अजय मान गया,ये बात जब अनिल को पता चली तो दूसरे ही दिन अनिल ने भी अपने प्यार का इजहार प्रिया से कर दिया, अब तो प्रिया की समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? क्योंकि जब तक दोनों दोस्त थे,प्रिया को कोई समस्या नहीं थी,लेकिन जब प्यार की बात आयी तो उसे दोनों में से एक को चुनना होगा, जो उसके लिए काफी समस्या कर रहा था, वो किसे चुने और किसे मना करे उसकी समझ में नहीं आ रहा था, क्योंकि दोनों ने अपने प्यार का इजहार किया था, एक तरफ अजय जिसके पास ना पैसा ना ही खूबसूरती और ना ही जीवन में कोई और लड़की. दूसरी तरफ अनिल जिसके पास पैसा, खूबसूरती भी और जीवन में लड़किया भी. प्रिया ने दोनों से सोचने का समय मांग लिया और सोचने लगी, वो किस्से प्यार करे और किसे मना कर दे? जिसे भी मना करती उसके साथ उसका रिश्ता खराब होता और वो कभी ऐस नहीं चाहती थी, शायद इसलिए वो दोनों के साथ रहती थी, एक दिन तो प्रिया के दोस्तों को ये देख कर ताजुब हुआ की अनिल ने कार से प्रिया को कॉलेज में ड्राप किया और कार में ही प्रिया ने अनिल को किश किया ,और दूसरी तरफ जब कार वापस चली गयी और अजय उसके करीब आया तो प्रिया उसे भी किश किया,मतलब साफ़ था की प्रिया दोनों को नहीं छोड़ना चाहती थी, वो दोनों के साथ रिश्ता निभा रही थी,लेकिन आखिर कब तक प्यार समझोता बन कर रहता, वो कहते हैं ना प्यार दिल से होता है ना की समझोता से , एक दिन अनिल ने प्रिया को अजय को किश करते देख लिया,अनिल बहुत गुस्सा हुआ और वो प्रिया को भला बुरा कहने लगा, जिसके बाद प्रिया ने अनिल को मानने के लिए सारी हद तोड़ दी, और अनिल को विश्वास दिलाया की वो अनिल के ही साथ है, परीक्षा के दौरान अनिल,अजय,प्रिया और कुछ साथी मिल कर पढ़ाई कर रहे थे, उसी समय अजय ने कुछ हिसाब करने के लिए कैलकुलेटर माँगा, और अनिल ने अपना मोबाइल कैलकुलेट करने के लिए अजय को दे दिया, जिसमे अजय ने अनिल और प्रिया की नंगी तस्वीरें देख ली,अजय चुप चाप कैलकुलेटर से हिसाब करके अनिल को वापस मोबाइल दे दिया,लेकिन आज उसका भ्र्म टूट चूका था,उसे विश्वास नहीं हो रहा था की प्रिया इस हद तक जा सकती है, उसका मन कर रहा था की वो आत्महत्या कर ले तभी उसके दिल ने उसे रोक दिया और उसे एहसास दिलाया की पढ़-लिख कर उसे बड़ा आदमी बनाना है, इसलिए वो चुप चाप फिर पढ़ने लगा और धीरे-धीरे प्रिया से दूर जाने लगा, लेकिन प्रिया को एहसास ना हो इसलिए वो पढ़ाई का मुद्दा बना कर रखता था, पढ़ाई की आड़ ले कर वो प्रिया से दूर जाने लगा,ये बात प्रिया को पता भी नहीं चला की कब अजय उसकी जिंदगी से दूर जा चूका था.कॉलेज खत्म होते ही अजय प्रिया की जिंदगी से निकल चूका था और अनिल की जिंदगी में भी दूसरी लड़की आ चुकी थी.और प्रिया अकेली हो गयी थी,क्योंकि ना उसकी जिंदगी में अजय था ना ही अनिल, आज जब उसे सच्चे प्यार की कमी खल रही थी ,तो उसके पास कोई नहीं था, उसकी समझ में प्यार का मतलब तब समझ में आया जब उसके पास कोई नहीं था, लेकिन आज तक उसे पता नहीं चल पाया की अजय उसकी जिंदगी से इतनी दूर क्यों चला गया,क्योंकि अजय कभी भी प्रिया से ना मिला ना ही बात की ना ही अपने बारे में कुछ ऐसा बताया,जिससे वो उसे ढूंढ पाती, सही कहा है किसी ने ये इश्क़ नहीं आसान, ये आग का दरिया है और इसमें डूब कर जाना है.प्रिया ने प्यार को प्यार नहीं समझा, एक समझौता माना,इसलिए तो उसे प्यार नसीब नहीं हुआ… मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Hp Video Status Ki Kahani” कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
 

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जबरदस्ती का प्यार - Love Story - Love Stories

यूँ तो प्यार दिलो के मेल से होता है,जब दो लोगो का दिल मिलता है,तो दोनों में प्यार होता है, फिर भी कभी ऐसा भी होता है की एक इंसान दूसरे इंसान से बेइंतहा प्यार करता है,लेकिन दूसरा इंसान उससे प्यार नहीं करता तो उसे एकतरफा प्यार कहते हैं, लेकिन आपको जान कर ताजुब होगा की पंकज इन दोनों श्रेणी में नहीं आता है, वो तो अपना एक नया ही श्रेणी बना लिया जिसे जबरदस्ती का प्यार कहते हैं, क्योंकि पंकज लड़की से प्यार तो करता ही था,लड़की से भी प्यार करवाना चाहता था, बात दरसल यूँ थी की पढ़ाई खत्म होने के बाद पंकज ने पटना में एक प्राइवेट कम्पनी ज्वाइन की, ये एक सी ए फॉर्म था,क्योंकि पंकज ने एम कॉम किया था और वो अकाउंट लाइन में भी जाना चाहता था,उसने सी ए की तैयारी भी की लेकिन बार बार फ़ैल होने के बाद उसका दिल टूट गया,या यूँ कह लीजिये की उसने हिम्मत हार दी, इसलिए उसने एक सी ए फॉर्म ज्वाइन कर ली, जहां पहले से 3 -4 स्टाफ और काम करते थे, जॉब का पहला दिन और वो सभी से दोस्ती करना चाहा,लेकिन सभी उससे दोस्ती नहीं करना चाहते थे,पंकज के अलावे वहां 1 लड़का,जिसका नाम विनीत था और 2 लड़की जिसका नाम निधि और माही था , पहले से काम करते थे,पहले वो विनीत से दोस्ती करना चाहा लेकिन विनीत अपने काम में व्यस्त था, कुछ ऐसे ही हालात निधि और माही के भी थे. ऐसा नहीं था की पंकज के दोस्त नहीं थे, वो जब पढ़ता था तो उसके बहुत सरे दोस्त थे,लेकिन पढ़ाई पूरी हुई और सरे दोस्त बिछुड़ते चले गए, जो बचे थे वो भी पंकज से बात नहीं करना चाह रहे थे,क्योंकि पंकज ने हिम्मत हार दी थी. क्लास के दौरान ही पंकज की जिंदगी में उसके साथ ही पढ़ने वाली लड़की जिसका नाम पूजा था, वो आयी, पूजा उससे बहुत प्यार करती थी,लेकिन पंकज के दिलऔर दिमाग में तो सिर्फ सी ए बनाना था इसलिए उसने कभी पूजा की तरफ ध्यान नहीं दिया जबकि पूजा ने कई बार पंकज से अपने प्यार का इजहार किया था, लेकिन पंकज कभी उससे प्यार नहीं किया था, वो कहते हैं जब कोई चीज आसानी से मिलती है तो उसका महत्व नहीं होता है,कुछ ऐसा ही पंकज के साथ था, पढ़ाई के दौरान उसकी जिंदगी में कई लड़किया आयी लेकिन उसने कभी भी किसी लड़की को अपने करीब नहीं आने दिया,अब जब वो पढ़ाई छोड़ चूका था और लड़की की तलाश कर रहा था तो कोई लड़की उसके करीब नहीं आ रही थी, एक तो सी ए ना बन पाना,दूसरा कोई लड़की का करीब ना आना,पंकज परेशान और निराश हो गया था. इसलिए शायद उसने जब सी ए फॉर्म ज्वॉइन किया,उसी दिन निधि और माही से बात करने में लग गया,लेकिन दोनों अपने काम से मतलब रख रही थी, पंकज भी कहाँ हार मानने वाला था, दूसरे दिन भी उसने प्रयास किया की वो उन दोनों से बात कर सके,लेकिन वो दोनों पंकज से बात नहीं करना चाहती थी, ये बात विनीत को समझ में आ गयी थी इसलिए उसने पंकज को डायरेक्ट बोला की जब वो दोनों तुमसे बात नहीं करना चाहती तो क्यों उनके पीछे पड़े हुए हो? पंकज ने भी कह डाला, वो दोनों कैसे मुझसे बात नहीं करेंगी,जरूर करेंगी आज नहीं तो कल,कल नहीं तो परसो,एक ना एक दिन तो करेंगी,मैं प्रयास नहीं छोडूंगा, जिसे सुन कर विनीत को हसी आ गया और उसने “आल द बेस्ट” बोल,अपने काम में लग गया.दो-तीन दिन बीत गए लेकिन पंकज से किसी ने बात नहीं की,अब तो पंकज को गुस्सा आने लगा,उसकी समझ में नहीं आ रहा था की दोनों लड़कियां उससे दूर दूर क्यों रहती हैं, शायद पहला ही दिन उसने करीब जाने की कोशिश कर दी इसलिए. लेकिन एक दिन अचानक काम करते करते निधि को समस्या आ गयी, बस क्या था पंकज ने उसे बताना शुरू कर दिया, ये देख अब निधि या माही को कोई समस्या होती पंकज उसका हल कर देता, जिससे उन दोनों लड़कियों को समझ में आ गया गया की पंकज को एकाउंट्स की जानकारी है, एक दिन माही ऑफिस में अपने फोन से बात कर रही थी, बात खत्म होने के बाद पंकज ने माही से पूछा बड़ी देर तक बात हुई किसका फोन था? माही ने सीधे सीधे बोल दिया की उसके बॉय फ्रेंड का, पंकज समझ गया की माही से दूर ही रहने में भलाई है,इसलिए वो अब निधि पर ध्यान देने लगा, और निधि कभी फोन से बात बही नहीं करती थी, इसलिए पंकज को लगा की लड़की अच्छी है,इसका बॉय फ्रेंड नहीं है,इसलिए इसी से प्यार किया जाये, लेकिन निधि को भी तो प्यार करना चाहिए, वो निधि के आगे पीछे घूमते रहता था, निधि को किसी तरह की समस्या होती तो उसकी मदद किया करता था, एक दिन निधि ने खुद पंकज से बात करना शुरू किया, जिसे देख पंकज बहुत खुश हुआ,और विनीत की तरफ इशारा करके ये बताया की आखिर निधि ने उससे बात की ही, उस दिन निधि ने पंकज से पूछा की उसने क्या किया है? पंकज ने बता दिया की वो एम कॉम किया है,साथ ही सी ए की तैयारी की है, सी ए फॉर्म में काम भी किया है अब लॉ की पढ़ाई करना चाहता है, वो एकाउंट्स लाइन नहीं छोड़ सकता,ये सुन कर निधि खुश हुई और पंकज से मोबाइल नंबर मांगी, ये सुन कर तो पंकज को लगा की वो जैसे आसमान में उड़ रहा हो, उसने तुरंत अपना मोबाइल नंबर दे दिया साथ ही ये भी बता दिया की व्हाट्स एप्प इसी नंबर से चलाता है फिर पंकज ने निधि से उसका मोबाइल नंबर माँगा, पहले तो निधि ने बात को टालना चाहा लेकिन पंकज नहीं माना, निधि ने नंबर दिया और पंकज ने तुरंत नंबर सेव कर लिया, उसके बाद व्हाट्स एप्प खोला तो पाया की निधि का व्हाट्स एप्प शो हो रहा है वो बहुत खुश हुआ क्योंकि निधि ने व्हाट्स एप्प नंबर दिया था. अब जब भी निधि को जरुरत होती वो पंकज से मदद ले लेती बदले में पंकज घुमा- फिरा कर उससे प्यार करने को बोलता,लेकिन निधि बात को टाल जाती,एक दिन पंकज ने निधि से पूछ लिया की उसे आगे क्या करना है? निधि ने बताया की उसे एम बी ए करना है, वो मैनेजमेंट की तैयारी कर रही है, ये सुन कर पंकज ने उसे समझना शुरू कर दिया की अगर उसे एम बी ए करना है तो क्यों यहाँ समय बर्बाद कर रही है, इससे अच्छा है वो सी ए की तैयारी करे, निधि ने कहा की वो इस बात पर सोचेगी,और पंकज का बार बार धन्यवाद करने लगी,पंकज को लगा की अब निधि उसकी हो गयी है,वो बहुत खुश हो रहा था,जबकि विनीत को हसी आ रही थी, पंकज को लगा की विनीत है कर उसका मजाक उड़ा रहा है,लेकिन वो बहुत खुश था क्योंकि निधि उसके करीब जो आ गयी थी, अगले दिन निधि ऑफिस नहीं आयी, पंकज परेशान हो गया, बार बार फोन करने लगा लेकिन नंबर नहीं लग रहा था, उसने व्हाट्स एप्प पर मैसेज किया लेकिन उसका उत्तर नहीं मिला, वो बहुत परेशान हो गया, उसने बार बार कॉल किया और व्हाट्स एप्प पर मैसेज किये,वो बार बार निधि को बोल रहा था की वो ऑफिस आये,उसके बिना ऑफिस सुना सुना लगता है,उसने यहाँ तक लिख दिया की वो उससे बहुत प्यार करता है, उसके बिना नहीं रह सकता ,वो उसे देखने के लिए ही ऑफिस आता है,अब उसके बिना उसका मन नहीं लगता है, वो बार बार उसे एक बार सिर्फ एक बार उससे प्यार करने को बोल रहा था, ऐसा लग रहा था की वो निधि को जबरदस्ती प्यार करने को बोल रहा हो, ये सब पढ़ कर एक दिन निधि ने मैसेज से उत्तर दिया की वो जॉब छोड़ दी है उसे मैनेजमेंट ही करना है इसलिए उसे परेशान ना करे वो उससे बात नहीं करना चाहती है,अब तो पंकज को ऐसा लगा की उसके निचे जमीन नहीं है, विनीत ने बताया की उसने निधि को ये बोल कर रखवाया था की यहाँ काम करने से उसे मैनेजमेंट करने में आसानी होगी और तुमने उसे सही बात बता दी,इसलिए वो छोड़ कर चली गयी और मैं हस रहा था, तू पागल है, वो तेरे से प्यार नहीं करती,अब तो पंकज को लगा की उसने गलती की निधि को बता कर शायद वो कुछ दिन और ऑफिस आती तो प्यार से उसे समझा देता ,लेकिन अब तो वो ऑफिस आएगी नहीं और नंबर भी ऐसा था की कभी बात ही नहीं होती थी, किसी ने सही कहा प्यार दिलो के मिलने से होता है ना की जबदरस्ती करने से जैसा पंकज ने निधि के साथ किया इसलिए निधि उसे छोड़ कर चली गयी . मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Hp Video Status Ki Kahani” कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
 

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ये कौन है,जो करीब हो कर भी दूर है - Love Sto

स्वेता एक छोटे से शहर में पली-बढ़ी थी,वहीँ के स्कूल में पढ़ी हुई स्वेता, पढ़ने में बहुत अच्छी थी.स्कूलिंग पूरी करने के बाद वो कॉलेज में एडमिशन ली और वहां भी वो पढ़ने में अच्छी होने की वजह से हमेशा फर्स्ट आती थी.स्कूल और कॉलेज के दौरान काफी लड़के उससे दोस्ती करना चाहते थे, लेकिन वो कभी किसी लड़के को अपने करीब नहीं आने दी, स्वेता देखने में बहुत सुन्दर और स्मार्ट थी,सभी उससे दोस्ती करना चाहते थे, लेकिन स्वेता थी की किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी और सिर्फ पढ़ाई में व्यस्त रहती थी, उसका मन था की वो अच्छे से पढ़ कर अच्छा जॉब पाए, इसलिए वो किसी लड़के की तरफ नहीं देखती थी, जाहिर सी बात थी उसका गोरा रंग बड़ी बड़ी आँखें और ऊँचा कद देख कर किसी का दिल उस पर आ जाता, लेकिन स्वेता का दिल किसी पर आये वैसा लड़का उसे नहीं मिला था, इस तरह स्वेता बिना किसी से बात किये कॉलेज भी पास कर गयी,कॉलेज अच्छे नंबर से पूरा होने के बाद के बाद उसने अपने पापा को बहार जाने देने के लिए कहा, उसका मन था की वो कोई जॉब करे और अपने पैरो पर खड़ा हो सके. लेकिन उसके पापा उसे बाहर नहीं जाने दे रहे थे, उनका खान था अगर जॉब करना ही है तो यहीं करो, दूर नहीं जाना है, मुसीबत ये थी की इस छोटे से शहर में कोई बड़ी कम्पनी थी नहीं, फिर वो कहाँ जॉब करती, लेकिन स्वेता को जॉब करना ही था,इसलिए उसने पहले एक स्कूल में पढ़ने का जॉब शुरू किया, कुछ महीने तक छोटे बच्चो को पढ़ने के बाद वो बोर होने लगी, और सैलरी भी बहुत काम मिलता था इसलिए वो जॉब छोड़ दी और दूसरा जॉब ढूंढने लगी, इसी दौरान उसे बड़े बच्चो को पढ़ाने का मौका एक दूसरे स्कूल में मिला और वो वहां चली गयी, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद वहां के बच्चे स्वेता को परेशान करने लगे,स्वेता का चेहरा बहुत ही मासूम था, उसे जो भी देखता उसे नहीं लगता था की वो इतनी बड़ी थी और उसने मास्टर डिग्री लिया था,सभी को यही लगता था की वो बहुत छोटी है, कुछ ऐसा ही एहसास इस स्कूल में हुआ, वहाँ एक बच्चे को लगा की स्वेता उससे 2 साल बड़ी है, इसलिए वो स्वेता को परपोज़ कर बैठा, स्वेता को आस्चर्य हुआ और उसने पहले तो बच्चे को समझाया की वो बहुत छोटा है और पहले पढ़ने पर ध्यान दो , फिर स्वेता को लगा की बच्चे को प्यार से समझाया जाय और उसने बताया की वो उससे बहुत बड़ी है, ये बात बच्चे को सुन कर अस्चर्य हुआ की क्या सच्ची में स्वेता इतनी बड़ी है,लेकिन वो क्या कर सकता था, अब तो स्वेता को वो भी स्कूल छोड़ना पड़ा, कुछ दिनों तक जॉब की तलाश में इधर उधर भटकने के बाद अचानक से उसे एक दिन नोकिया सेंटर में जॉब मिल गया, पहले तो वहां के मालिक को विश्वास नहीं हुआ की स्वेता यहाँ जॉब के लिए आयी है,लेकिन जब स्वेता की डिग्री देखि तो पाया की स्वेता यहाँ जॉब कर सकती है,वैसे उसके सेंटर में स्वेता इतनी सुन्दर लड़की कोई नहीं थी, ना ही कोई लड़का ना ही कोई लड़की स्वेता इतनी खूबसूरत थी इसलिए मालिक ने तुरनत उसे काम पर रख लिया . स्वेता बहुत खुश हुई,सभी उससे अच्छे से बात करते थे,और उसे वहां कॉर्पोरेट कल्चर भी मिल रहा था, इसलिए वो बहुत खुश थी, करीब एक साल काम करने के बाद स्वेता ने जब सैलरी बढ़ाने की मांग की तो मालिक ने मना कर दिया और स्वेता को गुस्सा आया और वो काम छोड़ दी, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद मालिक को एहसास हुआ की स्वेता के जाने के बाद उसका सेंटर सुना सुना हो गया है, इसलिए एक बार फिर स्वेता को बुलाया और इस बार स्वेता के कहे अनुसार सैलरी दी जाने लगी,लेकिन स्वेता के छोड़ जाने के बाद मालिक ने तुरंत में अपने भतीजे को काम पर रख लिया था, अब मालिक बहुत ही कम आता था,उसका भतीजा ही सारा कम देखता था,इस बार भतीजे को स्वेता से प्यार हो गया था लेकिन दूसरे स्टाफ ने ये बता दिया था की स्वेता जल्दी हाथ नहीं आने वाली है, अगर उसके करीब गए तो वो गुस्सा हो जाती है, इसलिए उससे दूर ही रहे, ये बात मालिक के भतीजे को पता थी इसलिए वो स्वेता को दूर से ही देखा करता था,स्वेता के बात करने का अंदाज, उसका मुस्कुराना,सभी उसे भ गया था,अब तो किसी दिन स्वेता नहीं आती थी तो वो बेचैन हो जाता था, हमेशा स्वेता के ही ख्यालो में खोया रहता था लेकिन कभी हिम्मत नहीं होती थी की वो स्वेता से बात कर सके, और स्वेता भी कम से कम मतलब रखती थी,शायद उसे ये एहसास हो गया था की मालिक का भेतजा उसे देखा करता है, इसलिए वो उससे दूर ही रहती थी, कुछ महीने बीतने के बाद एक दिन अचानक से स्वेता ने ऑफिस से छुट्टी माँगा और कहा की उसकी तबियत खराब है इसलिए उसे घर दिया जाए , भतीजे ने बहुत पूछा लेकिन स्वेता ने सिर्फ मन ठीक ना होने का वजह बताया, भतीजे ने उसे जाने दिया और कहा कल जरूर आये,लेकिन स्वेता दो दिनों तक नहीं आयी अब तो बहैठे की हालत खराब हो गयी, बिना उसे देखे उसका मन नहीं लगता था वो दो दिनों से उसे देख नहीं पाया था,इसलिए उसने स्वेता को कल कर दिया स्वेता ने बताया की वो कल से आएगी, भतीजे के दिल में जान आयी कल स्वेता के आने के बाद भतीजे ने मौका देख कर अपने प्यार का इजहार कर दिया लेकिन स्वेता नहीं मानी और वो एक बार फिर जॉब छोड़ दी, इस बार वो दूसरी कम्पनी में काम करने लगी, जब ये बात मालिक को पता चली तो एक बार फिर स्वेता को बुलाया गया और एक बार फिर स्वेता को अच्छी सैलरी दे कर रखा गया, स्वेता देखने में जितनी सुन्दर थी उतना ही वो अपना काम मन लगा किया करती थी जिससे कंपनी को फायदा भी होता था, इसलिए मालिक स्वेता को दूसरी जगह जाने नहीं देना चाहता था, लेकिन मालिक के भतीजे को गुस्सा था की वो स्वेता से इतना प्यार करता है लेकिन स्वेता उसकी और देखती भी नहीं है इसलिए वो गुस्से में आ कर स्वेता को परेशान करने लगा, उसे ज्यादा से ज्यादा काम देता था, और स्वेता मुस्कुराते हुए अपना काम करती रहती थी, धीरे-धीरे मालिक के भतीजे ने स्वेता को ज्यादा से ज्यादा परेशान करने लगा और साथ ही साथ ये बोलता था की अगर वो उसके प्यार को स्वीकार कर ले तो उसे काम करने की जरुरत भी नहीं पड़ेगी, स्वेता ने इस महीने बहुत काम किया था, भले भतीजे ने करवाया हो लेकिन काम तो स्वेता ने ही किया था और जब प्रुस्कार देने की बात आयी तो मालिक के भतीजे ने स्वेता को निचा दिखाने या यूँ कह ले की उससे बदला लेने के लिए प्रुस्कार अपने दोस्त को दे दिया, अब तो स्वेता को बहुत गुस्सा आया और एक बार फिर उसने काम पर आना छोड़ दिया,साथ ही साथ मालिक को भी कल करने से मना कर दिया, मालिक के भतीजे ने बहुत कोशिश की स्वेता उससे प्यार करने लगे स्वेता कभी उसके करीब नहीं आयी ना ही उसका प्यार स्वीकार किया,और इस तरह स्वेता के पापा ने उसकी शादी एक ऐसे लड़के से कर दी जो मुंबई में जॉब करता था और स्वेता का सपना बड़े शहर जाने का पूरा हो गया और वो छोटे से शहर से सीधे मुंबई जैसे बड़े शहर चली गयी वो भी अपने पति और अपने पहले प्यार के साथ क्योंकि स्वेता ने पहले ही सोच लिया था उसका पति ही उसका पहला प्यार होगा . मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Hp Video Status Ki Kahani”कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
 

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