वजन कम करने के लिए सबसे अच्छे और सरल तरीके - Health Tips

वजन

वजन कम करना सबसे आसान भी है और कठिन भी। दरअसल, व्यक्ति का अपने मन पर काबू नहीं है इसीलिए यह कठिन है और दूसरी बात यह कि कोई भी व्यक्ति अपनी आदत एवं दिनचर्या नहीं बदलना चाहता, इसलिए भी यह कठिन है। सभी चाहते हैं कि हमें कुछ भी नहीं करना पड़े और हमारा वजन कम हो जाए। मतबल यह कि कोई जादुई तरीका हो या बहुत ही सरल तरीका हो, तो हम इसे करने के लिए तैयार है। अन्यथा हमारे पास न समय है और न हमारी शक्ति है। अब ऐसी सोच रखने वालों के लिए तो हम कुछ नहीं कर सकते हैं, लेकिन वे यह जरूर समझ लें कि उन्होंने वजन बढ़ाने के लिए क्या-क्या किया था? कितनी मेहनत की है? खैर, आओ हम जानते हैं कि योग, आयुर्वेद और आधुनिक रिसर्च के अनुसार वजन कम करने का सबसे सरल तरीका क्या है। 1.16 घंटे लॉकिंग यहां आपसे पूर्ण उपवास करने का नहीं कहा जा रहा। यह डाइटिंग भी नहीं है। आप दोनों टाइम खाना खाएं। सुबह और रा‍‍त को लंच और डिनर लें। सब इस रूटिन में आपको एक ही कार्य करना है। जैसे आप लंच के बाद रात को डिनर लेते हैं फिर सुबह होने पर चाय एवं नाश्ता लेते हैं और दोपहर में पुन: लंच लेते हैं। बस आपको करना ये है कि चाय और नाश्ता छोड़ना है ताकि 16 घंटे कि लॉकिंग पूर्ण हो। अब अप सोच रहे होंगे कि यह 16 घंटे की लॉकिंग क्या है? दरअसल, आपको रात के डिनर और दोपहर के लंच के बीच 16 घंटे का अंतर रखकर इस बीच कुछ भी नहीं खाना और पीना है। इस बीच आप नींबू पानी, ग्रीन टी या नारियल पानी ले सकते हैं। यह बहुत सरल है। बस आपना सुबह की चाय, दूध और नाश्ता छोड़ना है। यदि यह आपने कर लिया तो आपका वजन तेजी से घटने लगेगा। नोटे- लेकिन यहां एक समस्या है कि जो लोग किसी बीमारी से ग्रस्त हैं उनके लिए यह करना मुश्किल है। क्योंकि उन्हें सुबह उठते ही गोली दवाई लेना होती है। इसके लिए उन्हें दूध पीना या नाश्ता करना होता है। ऐसे लोग यह उपाय नहीं कर सकते हैं। आपने यह पहला ही तरीका अपना लिया तो बाकी तरीको को करने की जरूरत नहीं। यदि सबसे असरकारक है। 2.डाइट चेंज एवं फिक्स करें यहां आपसे कम खाने या ज्यादा खाना के लिए नहीं कहा जा रहा है। आप नियम बनाएं भोजन करना का। एक कोई समय निर्धारित कर लें। उसी समय पर खाएं। अधिक सब्जियां और फल खाएं और कम से कम 40 बार चबाकर ही खाएं। मतलब यह कि खूब चबाएं और धीरे-धीरे खाएं। आपको डाइटिंग नहीं करना है, बल्कि डाइट बदलना है। डाइट चेंज- डॉक्टर कहते हैं कि फल को पचने में 3 घंटे, सब्जी को पचने में 6 घंटे और अनाज को पचने में 18 घंटे लगते हैं। मेदा, गेहूं और बेसन का सेवन नुकसानदायक होता है। मेदा और गेहूं का आटा एक समान ही है। ज्वार, जौ और मक्का का आटा अच्छा रहता है। आप चीनी की जगह गुढ़ या मिश्री का उपयोग करें। समुद्री नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करें। अत्यधिक तेल की जगह शुद्ध गाय के घी का उपयोग करें। अब आप तय करें कि आपको क्या खाना चाहिए। आप मेदा, चावल और बेसन छोड़ सकते हैं। इनसे बनी चीजें भी खाना छोड़ दें। बाजार का भोजन ना करें बल्कि उत्तम भोजन करें। अनाज-आधारित भोजन कम खाएं या कभी-कभार ही खाएं। इसके कई फायदे होंगे। डाइट फिक्स- भोजन में मात्रा देखना जरूरी है। जैसे सुबह ढाई सौ ग्राम भोजन करते हैं तो रात को भी ढाई सौ ग्राम ही करें। ऐसा नहीं की स्वाद के चक्कर में आधा किलो डकार गए। डाइट फिक्स होना चाहिए और भोजन करने का समय भी फिक्स होना चाहिए। यह नियम बहुत ही प्रभावी होते हैं। धीरे-धीरे आप दिनभर कुछ भी खाते रहने की आदत को समाप्त करें। अर्थात हमेशा खाते रहने की आदत को कम करते जाएं। यह बहुत सरल है क्योंकि यह महज एक आदत है। कम खाने की आदत भी डाली जा सकती है। 3.सम्यक मात्रा में पानी पीएं पानी का काम भोजन को पचाना होता है। यदि आपने कम पानी पीया है तो यह उचित नहीं है और ज्यादा पीया है तो भी उचित नहीं है सम्यक अर्थात ठीक ठीक मात्रा में पानी पीएं। आपके शरीर को जब प्यास लगे तभी पानी पीएं और उतना ही पीएं जितनी की प्यास है। पीने का पानी वजन घटाने में मदद करता है। भोजन के एक घंटा पूर्व पानी पीएं और फिर भोजन के एक घंटा बाद ही पानी पीएं। इस बीच पानी ना पीएं। एक अध्ययन से पता चला है कि भोजन से आधे घंटे पहले आधा लीटर (17 औंस) पानी पीने से डाइटर्स कम कैलोरी खाते हैं और 44% अधिक वजन कम करते हैं, उन लोगों की तुलना में जो पानी नहीं पीते हैं। 1.5 घंटे की अवधि में पीने का पानी 24-30% तक पाचन को बढ़ावा देता है, जिससे आपको कुछ अधिक कैलोरी कम करने में मदद मिलेगी। 4.हल्की फुल्की कसरत करें स्कूल में पीटी होती है। आपने भी कभी स्कूल की कसरत की होगी। आजकल लोग एरोबिक करते करते हैं। कुछ लोग सुबह सुबह दूर तक घुमने जाते हैं। हालांकिन आपको यह सब नहीं करना है तो किसी योग शिक्षक से अंग संचालन और सूर्य नमस्कार सीख लें। यह दोनों ही बहुत ही सरल है। बस इसे ही प्रतिदिन करते रहेंगे तो बहुत तेजी से लाभ मिलेगा। मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Hp Video Status Ki Health Tips” आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।

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टाइट जींस पहनते हैं तो हो जाएं सावधान - health tips

इन दिनों जींस एक ऐसा परिधान है जिसे हर कोई पहनना पसंद करता है। अगर आप भी जींस पहनने के शौकीन हैं, वो भी खासकर स्किन टाइट जींस, तो आपकी सेहत को ये नुकसान हो सकते हैं - 1 - टाइट जींस पहनने की वजह से महिलाओं को कमर से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अत्यधिक टाइट जींस पूरा दिन पहने रहने से कमर दर्द के अलावा धीरे-धीरे स्लिप डिस्क होने की आशंका भी बढ़ सकती है। 2 - टाइट जींस पहनने से वेरिकोज वैन (Varicose Veins) बीमारी जिसमें बढ़ी हुई नसें, जो आमतौर पर पैरों और तलवों में दिखती हैं, होने की आशंका रहती है। इसके अलावा टाइट जींस के कारण पैरों में ऐंठ की समस्या भी बढ़ सकती है। 3 - टाइट जींस पहनने से शरीर में खून का संचार बाधित हो सकता है, जिससे कई अन्य परेशानियां हो सकती है। 4 - ऐसा भी माना जाता है कि टाइट जींस पहनने से गर्भाशय का संकुचन और बांझपन का खतरा भी बढ़ सकता है। साथ ही टाइट होने की वजह से पेट पर काफी जोर पड़ता है जो आगे चलकर समस्या पैदा कर सकता है। मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Hp Video Status Ki Health Tips” अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।

मस्तिष्क पर प्रभाव डाल सकता है अधिक इंटरनेट का इस्तेमाल - health tips

मेलबोर्न। उच्चस्तर का इंटरनेट इस्तेमाल मस्तिष्क को इस तरह से परिवर्तित कर सकता है जिससे हमारा ध्यान, स्मृति और सामाजिक दृष्टिकोण प्रभावित हो सकता है। पत्रिका 'वर्ल्ड साइकैट्री' में प्रकाशित एक अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि इंटरनेट, बोध के विशिष्ट क्षेत्रों में सघन एवं दीर्घकालिक परिवर्तन कर सकता है जिससे मस्तिष्क में परिवर्तन प्रतिबिम्बित हो सकते हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने इस संबंध में अग्रणी परिकल्पनाओं की जांच की, कि किस तरह से इंटरनेट बोध प्रक्रियाओं को परिवर्तित कर सकता है। अनुसंधानकर्ताओं ने इसके साथ ही इसकी भी पड़ताल की कि ये परिकल्पनाएं किस सीमा तक हाल के मनोवैज्ञानिक, मनोरोग और न्यूरोइमेजिंग अनुसंधान के निष्कर्षों से समर्थित हैं। ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय के जोसेफ फर्थ ने कहा कि इस रिपोर्ट का प्रमुख निष्कर्ष यह है कि उच्च स्तर का इंटरनेट इस्तेमाल मस्तिष्क के कई कार्यों को प्रभावित कर सकता है। फर्थ ने कहा कि उदाहरण के लिए इंटरनेट से प्राप्त होने वाले संदेश हमें अपना ध्यान लगातार उस ओर लगाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप यह एकल कार्य पर ध्यान बनाए रखने की हमारी क्षमता को कम कर सकता है। मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Hp Video Status Ki Health Tips” अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।

सेहत के अलावा त्वचा के लिए भी लाभकारी है अंडे की सफेदी - Beauty Tips

ये तो आप जानते ही होंगे कि सेहत के लिए एग व अंडे खाना बहुत फायदेमंद है, लेकिन क्या आपको ये पता है कि अंडे की सफेदी से बने मास्क को चेहरे पर लगाने से कई सौन्दर्य फायदे मिल सकते हैं। आइए, जानते हैं एग व्हाइट मास्क (अंडे की सफेदी से बने मास्क) को चेहरे पर लगाने से कौन से फायदे होंगे - 1 स्किन टाइटनिंग - अंडे के सफेद हिस्से में ऐसे गुण होते हैं जो त्वचा के पोर्स को टाइट करने में सहायक होते हैं। इसलिए अगर आप अंडे के सफेद हिस्से में नींबू मिलाकर मास्क तैयार करें और चेहरे पर लगाएंगे तो खुले पोर्स बंद होने में मदद मिलेगी। 2 ऑयली स्किन के लिए शानदार- अंडे के सफेद हिस्से से तैयार किया गया मास्क ऑयली स्किन से अतिरिक्त तेल बाहर निकलने में सहायक होता है। साफ चेहरे पर मास्क लगाएं फिर कुछ देर बाद चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें। 3 कील-मुंहासों से छुटाकरा दिलाए- चेहरे से अतिरिक्त तेल बाहर निकलने के अलावा एग व्हाइट मास्क कील-मुंहासों से छुटाकरा दिलाने में भी मदद करता है। जिन जगहों पर कील-मुंहासे हों, वहां इसे सावधानी से लगाएं। इस मास्क को बनाते हुए इसमे दही और हल्दी न मिलाएं। 4 चेहरे के बाल हटाए- एग व्हाइट मास्क चेहरे पर उगे छोटे-छोटे बालों को हटाने में भी सहायक है। इसके लिए आपको ये करना है कि जब ये मास्क चेहरे पर सुख जाए तब आपको केवल इसे खींचकर हटाना है। मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Hp Video Status Ki Beauty Tips” अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।

कपूर के तेल के ये जादुई फायदे - Health Tips

कपूर अपने एंटीबायोटिक और एंटीफंगल गुणों के चलते पूजा-हवन सामग्री के अलावा सेहत और ब्यूटी के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यदि आपने अपने ब्यूटी प्रसाधन में इसे भी जोड़ लिया तो आपकी कई समस्याएं हल हो जाएंगी। जितना लाभकारी है कपूर, उतना ही बेशकीमती है कपूर का तेल। तो आइए जानते हैं कपूर के तेल के जादुई फायदे। लेकिन उससे पहले हम आपको बताते हैं कि कैसे आप कपूर का तेल घर पर ही बना सकते हैं। वैसे तो कपूर का तेल बाजार में भी उपलब्ध होता है, लेकिन इसे घर पर भी बड़ी ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसे घर पर बनाने के लिए नारियल के तेल में कपूर के कुछ टुकड़े डालें और किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दें। कुछ समय में नारियल का यह तेल कपूर के सत्वों को ग्रहण कर लेगा और ये हो गया तैयार कपूर का तेल। अब जानते हैं इसके 5 जादुई फायदे - 1. कपूर के तेल को त्वचा पर लगाने से फोड़े-फुंसी और मुंहासे ठीक होने लगते हैं। इससे न केवल मुंहासों में कमी आती है, बल्कि यह त्वचा पर मुंहासों के पुराने दाग-धब्बों को भी जड़ से समाप्त कर देता है। 2. एक टब में गुनगुना गर्म पानी लें और उसमें थोड़ा सा कपूर का तेल डालें। अब इसमें कुछ देर अपने पैरों को डुबोकर बैठ जाएं। इससे आपकी एड़ियां साफ हो जाएंगी और फटी एड़ियां भी जल्दी ही ठीक हो जाएंगी। यदि आपके पैरों में कोई इंफेक्शन या फंगस लगा हो, तो भी ऐसा करने से फंगस हट जाएंगे और साथ ही दर्द से भी राहत मिलेगी। 3. कपूर का तेल बालों में लगाने से बाल जल्दी बढ़ने लगते हैं, मजबूत होते हैं और झड़ना भी रुक जाते हैं। इसके लिए कपूर का तेल दही में मिलाकर बालों की जड़ों में लगाएं और आधे से 1 घंटे बाद बाल धो लें। 4. स्किन में यदि कोई जले या कटे का निशान हो तब भी कपूर का तेल उस हिस्से पर लगाने से निशान हल्के होते चले जाएंगे। मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Hp Video Status Ki Health Tips” अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।

World Brain Tumor Day 8 जून पर जानिए इसके लक्षण और उपचार का तरीका - health tips

हर साल 8 जून को 'वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे' या 'विश्व मस्तिष्क ट्यूमर दिवस' मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करना है। आइए, आपको बताते हैं कि क्या होता है ब्रेन ट्यूमर, इसके सामान्य लक्षण और उपचार का तरीका - ब्रेन ट्यूमर क्या है? ब्रेन ट्यूमर एक खतरनाक रोग है, जिसमें मस्तिष्क में ट्यूमर बनना शुरू हो जाता है। इसमें धीरे-धीरे मस्तिष्क में कोशिकाओं और ऊतकों की एक गांठ बन जाती है जिसे ही ट्यूमर कहा जाता हैं। जब ये ट्यूमर दिमाग के भीतर बनता है तो इसे ब्रेन ट्यूमर कहते है। फिर एक समय बाद इसे ही ब्रेन कैंसर के रूप में पहचाना जाता है। समय रहते इसका उचित इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा साबित होता है। ब्रेन ट्यूमर 3 से 12 या 15 वर्ष की आयु में अथवा 50 वर्ष की आयु के बाद होता है। यह रोग पुरुष या महिला किसी को भी हो सकता है। आइए, जानते हैं ब्रेन ट्यूमर के कुछ सामान्य लक्षण - 1 - ब्रेन ट्यूमर का एक लक्षण सिर दर्द भी है, जो प्रायः प्रातःकाल बहुत तेज होता है और जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, सिर दर्द कम होना शुरू हो जाता है। यह दर्द प्रायः सिर के सामने अथवा पीछे की ओर अधिक होता है। 2 - इस दर्द के प्रारंभ में साधारण दर्द निवारक दवाओं से तो आराम मिल जाता है, लेकिन फिर इन दवाओं का प्रभाव भी खत्म होता जाता है, साथ ही सिर दर्द की तीव्रता बढ़ती ही जाती है। 3 - ब्रेन ट्यूमर में सिर दर्द की तीव्रता के साथ-साथ अन्य लक्षण, जैसे शरीर में चैतन्यता की असामान्यता, किसी विषय पर बार-बार सोचने के लिए बल का प्रयोग करना, दृष्टि में बदलाव, चलने, स्पर्श, सूंघने, सुनने आदि की क्रियाओं में परिवर्तन के लक्षण दिखने लगते हैं। 4 - मस्तिष्क अथवा इससे संबंधित क्रियाओं में अचानक परिवर्तन आ जाता है। इसका कारण मस्तिष्क के अंदर किसी अनावश्यक कोश की वृद्धि का होना होता है, जो शरीर के किसी अन्य भाग में गांठ या घाव का प्रतिरूप है। जैसे ही इसके विकास की गति तीव्र होती है, सिर के साथ गर्दन में भी दर्द होने लगता है और रोगी अचानक बेहोश हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर के उपचार का तरीका - 1 - इस बीमारी का उपचार बीमारी के लक्षण और परीक्षण से ही कुछ हद तक हो जाता है। फिर भी परीक्षण के बाद विशेष प्रकार की जांच, जैसे सिर का एक्स-रे, कैंट स्केन, रीढ़ की हड्डी से पानी की जांच आदि से रोग की पुष्टि हो जाती है। इन दिनों ब्रेन ट्यूमर का उपचार रोग की प्रारंभिक अवस्था में करना बहुत ही आसान हो गया है। 2 - शल्य चिकित्सा, रेडियो थेरेपी तथा दवाएं इस रोग के उपचार के लिए प्रभावी सिद्ध हुए हैं। रोग की स्थिति के अनुसार उपरोक्त विधियों से उपचार किया जाता है। 3 - सिर दर्द किसी प्रकार का भी हो, हर व्यक्ति को इसके प्रति सचेत रहना चाहिए। उपरोक्त लक्षण प्रतीत हों तो शीघ्र ही परीक्षण कराकर रोग की पुष्टि करा लेना चाहिए, क्योंकि किसी भी बीमारी की चिकित्सा प्रारंभिक अवस्था में आसानी से की जा सकती है। मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Hp Video Status Ki Health Tips” अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।

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