health tips मस्तिष्क पर प्रभाव डाल सकता है अधिक इंटरनेट का इस्तेमाल

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मेलबोर्न। उच्चस्तर का इंटरनेट इस्तेमाल मस्तिष्क को इस तरह से परिवर्तित कर सकता है जिससे हमारा ध्यान, स्मृति और सामाजिक दृष्टिकोण प्रभावित हो सकता है। पत्रिका 'वर्ल्ड साइकैट्री' में प्रकाशित एक अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि इंटरनेट, बोध के विशिष्ट क्षेत्रों में सघन एवं दीर्घकालिक परिवर्तन कर सकता है जिससे मस्तिष्क में परिवर्तन प्रतिबिम्बित हो सकते हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने इस संबंध में अग्रणी परिकल्पनाओं की जांच की, कि किस तरह से इंटरनेट बोध प्रक्रियाओं को परिवर्तित कर सकता है। अनुसंधानकर्ताओं ने इसके साथ ही इसकी भी पड़ताल की कि ये परिकल्पनाएं किस सीमा तक हाल के मनोवैज्ञानिक, मनोरोग और न्यूरोइमेजिंग अनुसंधान के निष्कर्षों से समर्थित हैं। ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय के जोसेफ फर्थ ने कहा कि इस रिपोर्ट का प्रमुख निष्कर्ष यह है कि उच्च स्तर का इंटरनेट इस्तेमाल मस्तिष्क के कई कार्यों को प्रभावित कर सकता है। फर्थ ने कहा कि उदाहरण के लिए इंटरनेट से प्राप्त होने वाले संदेश हमें अपना ध्यान लगातार उस ओर लगाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप यह एकल कार्य पर ध्यान बनाए रखने की हमारी क्षमता को कम कर सकता है। मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Hp Video Status Ki Health Tips” अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।

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Health Tips रोजाना फॉलो करेंगे ये 5 बातें तो बीमारियों से रहेंगे हमेशा दूर

हम में से बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो किसी न किसी बीमारी का शिकार होते रहते हैं, ऐसे में बार-बार पेन किलर या दूसरी दवाईयां लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती जाती है। ज्यादातर बीमारियों की वजह अनियमित जीवनशैली होती है। आप कुछ बातों का ध्यान रखकर बीमारियों को खुद से दूर रखने के साथ अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ा सकते हैं। आइए, जानते हैं- सुबह जल्दी उठें सुबह जल्दी उठकर अगर आप हल्की धूप लेती हैं, तो आपको कभी हड्डी और जोड़ों से संबंधित समस्या नहीं होगी। इसके अलावा, सुबह-सुबह का वातावरण और ऑक्सीजन आपकी हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद है। सुबह जल्दी उठने के लिए बहुत जरुरी है कि आप रात को जल्दी सो जाएं। पाचन तंत्र को रखें फिट अगर आप फिट रहना चाहती हैं, तो अपने पाचन तंत्र को हेल्दी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। खाना आराम से और चबा-चबाकर खाएं। खाने के बाद तुरंत बेड पर सोने न जाएं। उससे पहले कम से कम 5 मिनट चहलकदमी कर लेंगी, तो आपका डाइजेस्टिव सिस्टम सही बना रहेगा। आधे घंटे योग करना जरूरी सुबह एक्सर्साइज करना जरूरी है। जिम करें या योग, लेकिन हेल्थ के लिए हर दिन कम से कम 30 मिनट की फिजिकल ऐक्टिविटी जरूर करें। योग और मेडिटेशन आपको फिजिकल और मेंटली हेल्दी रखेगा। डाइट पर ध्यान दें जरूरत से ज्यादा खाना भी आपकी बॉडी को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए अपनी फिजिकल ऐक्टिविटी के मुताबिक डायट चुनें। कम व हल्का खाना खाएं। खाने को हमेशा धीरे-धीरे और चबाकर खाएंगी, तो वह अच्छे से पचेगा और हेल्थ को फिट रखेगा। बॉडी में फैट बढ़ने के चांस बेहद कम हो जाते हैं। मोबाइल को कान के बाई तरफ लगाएं डॉक्टर्स के मुताबिक, मोबाइल फोन पर बात करते समय आपको हमेशा बाएं कान का इस्तेमाल करना चाहिए। दरअसल, दाईं तरफ का कान सीधे ब्रेन पर असर डालता है, जिससे आप छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान हो सकती हैं। एक रिसर्च के अनुसार, जब आप फोन पर बात करने के लिए दाएं कान का इस्तेमाल करते हैं, तो इसके रेडिशन ब्रेन पर ज्यादा असर डालते है। साथ ही, सोने से 1 घंटे पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे मोबाइल, लैपटॉप, टीवी आदि से दूरी बना लें। इससे आपको नींद अच्छी आएगी। उम्मीद है दोस्तो आपको Hp Video Status की यह जानकारी अच्छी लगी होगी. अच्छी लगी तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लाइक और शेयर करें. और आगे भी ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए हमारे Facebook Page को like करना ना भुले.

Health Tips सिरदर्द को हल्के में न लें इन गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत

हम में से बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपने सिरदर्द, बहती नाक, छींक आना, हल्का बुखार जैसी दिक्कतों को हल्के में लेते हैं और उसके इलाज के बारे में भी नहीं सोचते। लेकिन ये लक्षण किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा करते हैं जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह आपके लिए बेहद हानिकारक और जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं आखिर क्यों आपको सिरदर्द को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सिरदर्द भी कुछ गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकता है। कई बार ज्यादा सोने से भी हो जाता है सिरदर्द ब्लड क्लॉट कई बार ब्रेन में अगर किसी तरह का ब्लड क्लॉट बन जाए तो उस वजह से भी हेडएक यानी सिरदर्द होने लगता है। अगर आपको कभी-कभार बहुत गंभीर सिरदर्द होने लगता है और दर्द बर्दाश्त के बाहर हो जाए तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर समय रहते इलाज न हो तो ये ब्लड क्लॉट स्ट्रोक में परिवर्तित हो सकते हैं जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऑप्टिक न्यूराइटिस अगर आंखों के पीछे वाले सिर के हिस्से में दर्द हो रहा तो यह ऑप्टिक न्यूराइटिस का लक्षण हो सकता है। इसमें ब्रेन से आंखों तक जानकारी पहुंचाने वाली नसों को नुकसान पहुंचता है जिस वजह से देखने में दिक्कत होती है और कई बार विजिन लॉस भी हो सकता है। माइग्रेन या ट्यूमर लंबे समय तक सिरदर्द की समस्या है तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। यह माइग्रेन, ट्यूमर या नर्वस सिस्टम से जुड़ी दूसरी बीमारी भी हो सकती है। कभी-कभी ज्यादा दिनों तक सिरदर्द से संवेदी अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो जाती है। सिरदर्द को लेकर भ्रम की स्थिति में कतई न रहें। ये 8 तरह के सिरदर्द हैं बड़े 'खतरनाक' - स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, सिरदर्द से ज्यादातर लोग आए दिन परेशान रहते हैं। कई बार तो सिरदर्द बहुत तेज होता है। अक्सर सिरदर्द होने पर लोग कोई दर्दनाशक दवा खा लेते हैं, लेकिन अगर आपके सिर में बार-बार दर्द होता है तो इस हल्के में न लें। बार-बार सिरदर्द होने पर आपको किसी विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। यहां हम आपको 8 प्रकार के सिर दर्द और उनके उपचार के बारे में बता रहे हैं: - तनाव के कारण हुए सिरदर्द में सिर के चारों तरफ सेन्सेशन के साथ कुछ ऐसे दर्द होता है जैसे सिर पर कोई प्रेशर बैंड बांध दिया गया हो। तनाव के कारण होने वाला सरदर्द, सिर दबाने से ठीक हो जाता है। यह किसी को भी हो सकता है। - जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है, ऐसा सिरदर्द किसी बात को लेकर हुए तनाव से होता है। ऐसा सिरदर्द किसी खास काम के शुरू करने से पहले या बाद में, शुरू होता है। जैसे एक्सर्साइज़ से पहले या बाद में शुरू होते हैं। अमेरिका के एक माइग्रेन फाउंडशन के अनुसार, ऐसे सिरदर्द सामान्य रूप से 5 मिनट में समाप्त हो जाते हैं। बहुत दुर्लभ और बुरी स्थिति में यह 3 दिनों तक भी चल सकता है। इस प्रकार का सिरदर्द बहुत दुर्लभ मामलों में होते हैं और यह 6 महीनों में ठीक भी हो जाता है। - ऐसा कहा जाता है कि हर 12 लोगों में से 1 व्यक्ति को यह सिर दर्द होता है। इसमें हवा के दबाव में अंतर होने पर सिर के किसी एक तरफ दर्द होने लगता है। ऐसी स्थिति में शांत रहने का प्रयास करें, पानी का पर्याप्त सेवन करें और अगर जरूरी हो तो ओटीसी दर्दनाशक लें। - इस प्रकार के सिरदर्द में नाक बहना, आंख में पानी आने लगता है। ऐसा सिरदर्द मौसम से संबंधित होता है। इससे बचने के लिए आपको उस चीज से परहेज करना होगा, जिससे आपको सर दर्द शुरू हो रहा है। - इस प्रकार के सिरदर्द में गालों और आंखों पर दबाव के साथ तेज़ दर्द होता है। इसे फ़ेशल पेन भी कहा जाता है। दांतो में दर्द होना और किसी चीज की महक न पहचान पाना इसके लक्षण हैं। माइग्रेन सिरदर्द का गलत उपचार करने से साइनस सिर दर्द हो जाता है। 90 प्रतिशत साइनस सिरदर्द दरअसल माइग्रेन ही होता है। - इस प्रकार का सिरदर्द एक बार में किसी एक आंख के पीछे होते हैं। इसमें आंख में जलन होना, आंख का लाल होना, सूजन आना और पसीना आना शुरू हो जाता है। नाक बंद होना और आंखों में आंसू आना इसके लक्षण हो सकते हैं। इस प्रकार का सिरदर्द 15 मिनट से लेकर 3 घंटों तक रह सकता है। इस प्रकार का सिरदर्द एक के बाद एक क्रम में कई बार हो सकता है। यहां तक की यह एक दिन में 4 बार तक हो सकता है। उम्मीद है दोस्तो आपको Hp Video Status की यह जानकारी अच्छी लगी होगी. अच्छी लगी तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लाइक और शेयर करें. और आगे भी ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए हमारे Facebook Page को like करना ना भुले.

Health Tips सुबह उठकर पानी पीते हैं तो जरूर जान लें यह 3 बातें

सुबह उठकर पानी पीते हैं तो जरूर जान लें यह 3 बातें जानना आपके लिए बेहद जरूरी नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे वेबसाइट पे, मनुष्य शरीर का लगभग 70 फ़ीसदी हिस्सा पानी से बना हुआ होता है। इस बात से हम समझ सकते हैं कि पानी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी और लाभदायक होता है। डॉक्टर के अनुसार भी प्रत्येक व्यक्ति को 1 दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। पानी से शरीर में तरलता बनी रहती है। और शरीर के अंग सुचारू रूप से काम करते हैं। पानी की कमी होने से शरीर में अनेक गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। खाना खाते समय बीच में पानी पीना जहर समान होता है। बहुत से लोग सुबह उठकर तुरंत पानी पीते हैं। इससे शरीर को अनेक जबरदस्त फायदे होते हैं। आइए जान लेते हैं। सुबह उठकर पानी पीते हैं तो जरूर जान लें ये 3 बातें, सबके लिए जानना है जरूरी। सुबह उठते ही पानी पीने के फायदे 1. सुबह उठकर पानी पीने से इसका पाचन तंत्र पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। पाचन तंत्र दुरुस्त होता है। भोजन का पाचन अच्छी तरह से होता है। और सुबह शौच के समय पेट अच्छे से साफ होता है। इससे पेट की बीमारियां दूर हो जाती है। 2. सुबह उठते ही पानी पीना हमारे बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। इससे बालों की जड़ों को पोषण मिलता है। और बालों की जड़े हमेशा मजबूत रहती है। इससे बाल झड़ने और बाल टूटने की समस्या खत्म हो जाती है। 3. रातभर सोकर जब हम सुबह उठते हैं तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए सुबह उठते ही पानी पीना चाहिए। इससे त्वचा हाइड्रेट हो जाती है। त्वचा में नमी बरकरार रहती है। और चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। सुबह उठते ही पानी पीने से चेहरे के दाग-धब्बे और मुहांसे बिल्कुल साफ हो जाएंगे। उम्मीद है दोस्तो आपको Hp Video Status की यह जानकारी अच्छी लगी होगी. अच्छी लगी तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लाइक और शेयर करें. और आगे भी ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए हमारे Facebook Page को like करना ना भुले.

Health Tips बदन दर्द का कारण हो सकता है अवसाद

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे वेबसाइट पे, अवसाद एक ऐसा डिसऔर्डर है जिसे दिमाग से जोड़ कर देखा जाता है. मगर इस के लक्षण शारीरिक रूप से भी दिखाईर् देते हैं. जिन्हें अवसाद की समस्या होती है उन में से लगभग 50% लोगों को शरीर में दर्द महसूस होता है. दरअसल, शरीर और मस्तिष्क आपस में जटिल रूप से जुड़े होते हैं. जब एक ठीक नहीं होता है तो इस बात की आशंका बहुत बढ़ जाती है कि दूसरे पर भी इस का प्रभाव दिखाई देने लगे. कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि अवसाद व्यक्ति के दिमाग में दर्द पैदा करने वाले हिस्सों को ऐक्टिव कर देता है, जिस से मसल्स पेन, जौइंट पेन, चैस्ट पेन, हैडेक आदि हो सकता है. कई दफा हम दर्द दूर करने की दवा खाते रहते हैं पर इस दर्द की मूल वजह यानी अवसाद पर ध्यान नहीं देते और लंबे समय तक तकलीफ सहते रहते हैं. ‘यूनिवर्सिटी औफ कोलोरैडो, हैल्थ साइंस सैंटर’ के डाक्टर रोबर्ट डी कीले ने 200 से ज्यादा मरीजों का अध्ययन कर पाया कि शुरुआत में डाक्टर्स भी उन की शारीरिक तकलीफों खास कर गले और बदन में दर्द की वास्तविक वजह यानी अवसाद का अंदाजा नहीं लगा सके. इस वजह से लंबे समय तक उन्हें अपनी तकलीफों से छुटकारा नहीं मिला. केवल डाक्टर ही नहीं, बल्कि मरीज भी ऐंटीडिप्रैशन मैडिसिन लेने को तैयार नहीं थे, क्योंकि उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि वे डिप्रैशन के मरीज हैं. क्या है अवसाद अवसाद एक गंभीर स्थिति है. हालांकि यह कोई रोग नहीं, बल्कि एक संकेत है कि आप के शरीर और जीवन में असंतुलन पैदा हो गया है. अवसाद से निबटने में दवा उतनी कारगर नहीं होती जितनी आप की सकारात्मक सोच और जीवनशैली में बदलाव का प्रयास. साधारणतया अवसाद के प्रारंभिक शारीरिक लक्षणों के तौर पर नींद की कमी, कमजोरी, थकावट, आदि की पहचान की जाती है, पर कईर् दफा इस की वजह से शारीरिक पीड़ा जैसे बैक, नैक और जौइंट पेन आदि भी पैदा होने लगता है. अवसादग्रस्त व्यक्ति न तो ठीक तरह से खाता है और न ही पूरी नींद ले पाता है. इस से भी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिस से शरीर और गरदन में दर्द हो सकता है. अवसाद और शरीर में दर्द होना इस संदर्भ में सरोज सुपरस्पैश्यलिटी हौस्पिटल, नई दिल्ली के न्यूरोलौजिस्ट डा. जयदीप बंसल कहते हैं कि शारीरिक दर्द और अवसाद में गहरा बायोलौजिकल संबंध है. न्यूरोट्रांसमीटर्स, सैरोटोनिन और नोरेपिनफ्रीन दर्द और मूड दोनों को प्रभावित करते हैं. अवसाद की स्थिति में ये अनियंत्रित हो जाते हैं. इन का अनियंत्रित हो जाना अवसाद और दर्द दोनों से जुड़ा होता है. सामान्य तौर पर दर्द इस बात का सूचक होता है कि अंदर कोई परेशानी है. यह परेशानी शारीरिक या मानसिक अथवा दोनों हो सकती है. कई बार हमें कोई शारीरिक समस्या नहीं होती तब भी हमारे शरीर के किसी हिस्से में दर्द होने लगता है. इसे साइकोसोमैटिक पेन कहते हैं, जिस का तात्पर्य है कि मस्तिष्क और मन की परेशानी शारीरिक रूप से प्रदर्शित हो रही है. समय के साथ बढ़ जाता है दर्द अधिकतर अवसादग्रस्त लोग खुद को दूसरे लोगों से अलगथलग कर घर की चारदीवारी में कैद कर लेते हैं. इस से उन की शारीरिक सक्रियता काफी कम हो जाती है. कुछ लोग घंटों सोए रहते हैं या लगातार लंबे समय तक कंप्यूटर अथवा मोबाइल पर लगे रहते हैं. इस दौरान वे अपना पोस्चर भी ठीक नहीं रखते. गलत पोस्चर और लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहने से कमर दर्द और गरदन में दर्द की समस्या हो जाती है. दिनरात बिस्तर में दुबके रहना, मांसपेशियों को कमजोर बना देता है. इस से भी शरीर और जोड़ों में दर्द होने लगता है. शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने से हड्डियां भी कमजोर पड़ने लगती हैं. उम्मीद है दोस्तो आपको Hp Video Status की यह जानकारी अच्छी लगी होगी. अच्छी लगी तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लाइक और शेयर करें. और आगे भी ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए हमारे Facebook Page को like करना ना भुले.

ગરમ પાણી પીવાના ફાયદાઓ એક વાર જરૂર વાંચો

ગરમ પાણી પીવાના ફાયદાઓ નમસ્તે મિત્રો અમારી વેબસાઇટ પર આપનું સ્વાગત છે. તમે દરરોજ સવારે જાગ્યા પછી શું કરો છો ?? તેના દાંત તેજ કર્યા છે અથવા તેનો મોબાઇલ જોયો છે. પરંતુ તમારે દિવસની શરૂઆત ગરમ પાણી પીવાથી કરવી જોઈએ અને તમને જલ્દી જ લાભ મળશે. પ્રાચીન ચાઇનીઝ ચિકિત્સા અને ભારતીય સંસ્કૃતિ મુજબ દિવસના પ્રારંભથી એક ગ્લાસ હૂંફાળા પાણીથી પાચક સિસ્ટમની શરૂઆત કરવામાં અને સ્વાસ્થ્ય લાભોને મર્યાદિત કરવામાં મદદ મળે છે. જો કે, આ ગરમ, પ્રાધાન્યવાન માટેનો કેસ નથી. તમારા મોં અને ગળામાં ઉપકલા કોષોને નુકસાન ન થાય તે માટે મહત્તમ તાપમાનમાં 120 ડિગ્રી ફેરનહિટ પર પાણી રાખો. ગરમ પાણી પીવાના ઘણા ફાયદા 2. પાચનમાં ગરમ પાણી પીવાનું મદદ કરે છે: પાચનમાં મદદરૂપ છે. તે નિમજ ખાતું, એસિડિટી અને ગેસ સુધારે છે. 3. મધ્યસ્થી સંસ્કૃતિઓની વ્યવસ્થા કરે છે: જ્યારે તમે તંદુરસ્ત અને નિયંત્રિત પ્રતિક્રિયાઓ પુનઃપ્રાપ્ત કરો છો, ત્યારે તમને મળશે કે તમને ઓછી પીડા લાગે છે, અને તે બધા કપાતને કારણે છે. 4. કબજિયાત રાહત કરવામાં મદદ કરે છે અસરકારક આંતરડા ખાલી પેટ પર ખાલી પેટ પર ગરમ પાણી પર એક ગ્લાસને અટકાવે છે. આશા છે કે તમને Hp Video Status ની આ માહિતી ગમશે. જો તમને તે ગમ્યું હોય તો આ પોસ્ટને શક્ય હોય તો લાઈક અને શેર કરો. અને આગળ આવી માહિતી મેળવવા માટે અમારું ફેસબુક પેજ લાઈક કરવાનું ભૂલતા નહીં. કૃપા કરીને ટિપ્પણી બોક્સમાં આ માહિતી વિશે તમારા અભિપ્રાય જણાવો.

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